हाइपोथायरॉयडिज्म किसकी कमी से होता है? डेफिशिएंसी को कैसे दूर किया जा सकता है?
लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाइपोथायरॉयडिज्म एक ऐसी कंडीशन है, जब थायरॉइड ग्लैंड शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त थायरॉइड हॉर्मोन नहीं बना पाती। इसके कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। थकान महसूस होना, वजन बढ़ जाना, ठंड लगना, कब्ज की समस्या, रूखी त्वचा और सुस्ती, इस तरह के लक्षण महसूस होने पर आपको अपनी जांच करवा लेनी चाहिए। आइए जानते हैं कि किसकी कमी से आप हाइपोथायरॉयडिज्म का शिकार बन सकते हैं।
आयोडीन की कमी- शरीर में आयोडीन की कमी पैदा होने की वजह से हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है। जो लोग अपने डाइट प्लान में आयोडीन से भरपूर चीजों को शामिल नहीं करते, उन्हें हाइपोथायरॉयडिज्म का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, आपकी जानकारी के लिए बता दें अगर आपके शरीर में लंबे समय तक आयोडीन की कमी रहती है, तो आपकी ओवरऑल हेल्थ भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
कमी के लक्षण- आइए आपको इस पोषक तत्व की कमी के दौरान दिखाई देने वाले कुछ कॉमन लक्षणों के बारे में बताते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक आयोडीन की कमी होने पर गले में सूजन पैदा हो सकती है। कब्ज और थकान, जरूरी नहीं है कि ये लक्षण मामूली हों क्योंकि आयोडीन की कमी से भी इस तरह के लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसके अलावा आयोडीन की कमी के लक्षणों में वजन बढ़ना, ठंड न सह पाना, ड्राई स्किन और हेयर फॉल जैसे लक्षण भी शामिल हैं।
डेफिशिएंसी को करें दूर- अगर आप आयोडीन की कमी को दूर करना चाहते हैं या फिर इस पोषक तत्व की कमी को पैदा होने से रोकना चाहते हैं, तो दूध, दही और पनीर का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इनमें आयोडीन की मात्रा पाई जाती है। सीफूड और अंडे में भी आयोडीन मौजूद होता है। हालांकि, बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सही मात्रा में और सही तरीके से ही आयोडीन से भरपूर इन चीजों का सेवन करना चाहिए।
