‘मजनू भाई’ बनने के लिए अनिल कपूर को नहीं करनी पड़ी थी ज्यादा मेहनत, वर्षों पहले कर ली थी तैयारी

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मुंबई{ गहरी खोज }: बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर इन दिनों अपनी हालिया रिलीज हुई फिल्म ‘सूबेदार’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म में अभिनेता के एक्शन और अग्रेशन ने फैंस का दिल पूरी तरह से जीत लिया है लेकिन इसी बीच अभिनेता ने अपनी फिल्म और किरदारों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि फिल्म वेलकम में ‘मजनू भाई’ के किरदार के लिए उन्होंने वर्षों पहले तैयारी कर ली थी।
अनिल कपूर अपने हर किरदार को पूरी शिद्दत के साथ निभाते हैं और किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए पूरी जान लगा देते हैं। यही कारण है कि उनके द्वारा निभाए गए किरदार वर्षों तक उनके जेहन में जिंदा होते हैं और मौके पर उन्हीं किरदारों में बदलाव करके वह पर्दे पर नया किरदार निभाते हैं। ऐसा ही उन्होंने 1990 की फिल्म ‘आवारगी’ के गैंगस्टर के किरदार के साथ किया, जिसने उन्हें वेलकम में मजनू भाई बनने की प्रेरणा दी।
एक यूजर के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए अनिल कपूर ने लिखा, “आवारगी शायद मेरी सबसे चर्चित फिल्म न रही हो, लेकिन यह किरदार मेरे दिल से कभी नहीं निकला। सालों बाद वही किरदार मजनू भाई के पीछे प्रेरणा बनकर लौटा, बस थोड़ा हल्के अंदाज में। कंधे झुकाने का तरीका, हाव-भाव, पागलपन, पहले महेश भट्ट की दुनिया में, बाद में अनीस बज़्मी के अंदाज में जिंदगी का चक्र पूरा होता है।”
‘आवारगी’ में अनिल कपूर का किरदार खतरनाक गैंगस्टर का था, जो अपने उसूलों के खिलाफ जाकर वेश्यालय से मीनाक्षी शेषाद्री को बचाता है। फिल्म एक लव-ट्राएंगल बन जाती है, क्योंकि गोविंदा भी मीनाक्षी से प्यार करते हैं। इस फिल्म में अभिनेता के किरदार को सबसे ज्यादा पसंद किया गया था, क्योंकि पर्दे पर कॉमेडी और रोमांस करने अनिल कपूर को दर्शकों ने पहली बार खतरनाक गैंगस्टर के निगेटिव किरदार में देखा गया था। वहीं फिल्म ‘वेलकम’ का सीन भी कुछ ऐसा ही है। फिल्म में अभिनेता गैंगस्टर बने हैं, लेकिन उनके किरदार में कॉमेडी का तड़का है। साथ ही वह मल्लिका शेरावत से प्यार कर बैठते हैं, जिससे गैंगस्टर उदय शेट्टी (नाना पाटेकर) का भी दिल लगा है।

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