कागज के टुकड़ों को असली नोट बताकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ाया, 2 आरोपित गिरफ्तार
राजगढ़{ गहरी खोज }: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यावरा सिटी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कागज के टुकड़ों को असली नोट बताकर बड़ी रकम की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
थानाप्रभारी वीरेन्द्र धाकड़ ने गुरुवार को बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। गिरोह लोगों को झांसा देने के लिए एक नकली डेमो दिखाता था,जिसमें केमिकल और पानी का उपयोग कर यह भ्रम पैदा किया जाता था कि कागज से असली नोट बनाए जा सकते हैं। इसके बाद भरोसा जीतकर वे लाखों रुपये ले लेते और ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर बीच में कागज भरी नकली गड्डियां थमा देते थे। 17 अप्रैल को गुना-ब्यावरा हाईवे पर फरियादी पंकज प्रजापति और उनके साथियों से 5 लाख रुपये लेकर आरोपित उन्हें लगभग 40 लाख रुपये की बताकर नकली गड्डियां दे गए। शिकायत के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा की सहायता से ब्लैक स्कोडा कार (एमपी 04 वाईएफ 6943) की पहचान की। कंट्रोल रूम द्वारा भोपाल को सूचना देने के बाद मात्र 4 घंटे में वाहन सहित आरोपित निशातपुरा भोपाल से पकड़ लिए गए, जिनमें मोहम्मद हनीफ(49)पुत्र मौहम्मद मजीद निवासी हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी भोपाल और मनोज (28)पुत्र कमलसिंह नायक निवासी विदिशा शामिल हैं, जबकि बख्तार खान निवासी षिवनगर करोंद भोपाल फरार है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 15 लाख रुपए कीमती स्कोडा कार, 4 लाख रुपए नकदी और नकली गड्डियां जप्त की हैं। पूछताछ में हनीफ ने स्वीकार किया कि वह देवास प्रिंटिंग प्रेस में रिश्तेदार का बहाना बनाकर लोगों को ठगता था।
