अंकुरित हरी मूंग और काले चने को आयुर्वेद में क्यों माना गया है अमृत समान? जानें फायदे और खाने का सही समय
लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }: कई लोग सुबह खाली पेट अंकुरित मूंग और चने का सेवन करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सुबह खाली पेट भीगी हुई हरी मूंग और काले चने का सेवन, इसके औषधीय गुणों के कारण लाभकारी माना जाता है। रात भर भिगोने से इनमें पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। हरी मूंग जहां फाइबर से भरपूर होता है वहीं, काला चना वात, कफ़ और पित्त को संतुलित करने में मदद करता है। चलिए जानते हैं इसके फायदे और सेवन का सही समय?
शरीर को मिलते हैं कौन से फायदे?
पाचन होता है बेहतर: आयुर्वेद के अनुसार, यह कॉम्बिनेशन पचाने में आसान होता है। इसमें मौजूद फ़ाइबर पाचन तंत्र को साफ़ करने में मदद करता है, पेट फूलने की समस्या कम करता है, और कब्ज़ से बचाता है।
खून की सफ़ाई: सुबह के समय, अंकुरित मूंग और चना का सेवन करने से शरीर डिटॉक्स (विषैले पदार्थों को बाहर निकालने) होता है। ये अंकुरित अनाज फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और क्लोरोफिल से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
ऊर्जा का स्तर बढ़ता है: अंकुरित मूंग और काले चने का रोजाना सेवन करने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और थकान कम होती है। साथ ही आयरन से भरपूर होनर की वजह से यह एनीमिया से लड़ने में भी बेहद कारगर है।
स्किन बनता है हेल्दी: भिगोई हुई मूंग और काले त्वचा को चमकदार बनाते हैं, और ऑक्सीडेटिव तनाव व सूजन से लड़ने में मदद करते हैं। इनका नियमित सेवन मुहांसे कम करने, त्वचा की लोच के लिए कोलेजन उत्पादन बढ़ाने और हार्मोन को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।
वेट लॉस: मूंग और काले चने में कैलोरी कम होती है और प्रोटीन-फ़ाइबर की मात्रा ज़्यादा होती है। इस वजह से यह वेट लॉस करने में फायदेमंद है। दरअसल, यह मिश्रण आपको ज़्यादा देर तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे आप एक्स्ट्रा खाने से बचते हैं।
सेवन का सही समय और तरीका?
काले चने और मूँग को रात भर भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट उन्हें कच्चा या उबाल करके खाना सबसे अच्छा रहता है। आयुर्वेद सलाह देता है कि पाचन को और बेहतर बनाने के लिए इस मिश्रण में थोड़ा सा जीरा पाउडर, अदरक पाउडर और नींबू का रस मिलाना चाहिए
