राजस्थान एसीबी की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत मामले में लैब असिस्टेंट गिरफ्तार

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जयपुर{ गहरी खोज }: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को दौसा जिले में एक सरकारी कर्मचारी को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी आदित्य शर्मा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बसवा में प्रयोगशाला सहायक है और वर्तमान में बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत था। उसे उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) रामसिंह राजावत के नाम पर रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। एसीबी के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, हेल्पलाइन (1064) पर मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बांदीकुई एसडीएम न्यायालय में लंबित एक दीवानी मामले में स्टे ऑर्डर दिलाने के लिए 30,000 रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया कि आदित्य शर्मा, एसडीएम की ओर से बिचौलिये के रूप में काम कर रहा था और लगातार भुगतान के लिए दबाव बना रहा था।
एसीबी ने 17 अप्रैल को सत्यापन किया, जिसमें 15,000 रुपये की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद अलवर-प्रथम एसीबी चौकी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते समय धर दबोचा। यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण के पर्यवेक्षण और उप पुलिस अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में की गई।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इससे पहले 16 अप्रैल को एसीबी की सवाई माधोपुर इकाई ने एक अन्य ट्रैप कार्रवाई में नादौती उपखंड की उपखंड अधिकारी (एसडीओ) काजल मीणा को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। यह रिश्वत शिकायतकर्ता की जमीन के बंटवारे से संबंधित अंतिम डिक्री जारी करने के एवज में मांगी गई थी। आरोप है कि यह रकम उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ के माध्यम से ली जा रही थी। शिकायत के अनुसार, पहले 1 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में घटाकर 50,000 रुपये कर दिया गया। सत्यापन के दौरान रीडर ने 50,000 रुपये एसडीओ के लिए और 10,000 रुपये अपने लिए मांगे।
16 अप्रैल को शिकायतकर्ता को नादौती एसडीओ कार्यालय बुलाया गया, जहां उसने 60,000 रुपये की रिश्वत दी। रीडर ने रकम लेकर उसे प्रवीण धाकड़ को सौंप दिया। कार्रवाई के दौरान दिनेश सैनी ने स्वीकार किया कि उसने काजल मीणा के कहने पर रिश्वत ली थी। दोनों के बीच हुई फोन बातचीत से भी लेन-देन की पुष्टि हुई। एसीबी टीम ने मौके से 60,000 रुपये की रिश्वत राशि के साथ बैग में रखे 4 लाख रुपये अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी बरामद की। काजल मीणा, दिनेश सैनी और प्रवीण धाकड़ को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

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