गुजराती भाई जो कहेंगे, सीएम सम्राट चौधरी वही करेंगे: तेजस्वी यादव

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पटना{ गहरी खोज }: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी को महिला आरक्षण बिल के बारे में समझ में नहीं आया है। अब जब समझ में नहीं आएगा तो जाहिर सी बात है कि जो गुजराती भाई कहेंगे, वही सीएम वहीं करेंगे।
पटना में तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीएम सम्राट चौधरी से पूछना चाहिए कि यह बिल तो तीन साल पहले ही पास हो चुका है। इसे अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे नेता तो बन गए हैं, लेकिन वे क्या करेंगे? वे वही करेंगे जो गुजराती भाई कहेंगे। उन्हें चलाने के लिए दिल्ली पीएमओ से लोग आ रहे हैं। अब उनके प्रधान सचिव भी पीएमओ से ही आएंगे। वे दो लोग जो चाहेंगे, वही होगा। उन्होंने कहा कि हमने बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट दिए। हमें इस बारे में बात करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा वाले किस पर विश्वास करते हैं, ये ‘मनुस्मृति’ पर विश्वास करते हैं। आप सब जानते हैं कि ‘मनुस्मृति’ में महिलाओं का क्या स्थान है?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह बिल तीन साल पहले ही पास हो गया था, लेकिन अब इसे सीटों को सीमित करने की चाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे तो सीटों की संख्या बढ़ाने की बात कर रहे थे, और उन्होंने अपनी मर्जी से सीटों की संख्या कम कर दी। जहां विपक्ष मजबूत है, वहां उन्होंने सीटों की संख्या चार गुना तक कम कर दी। हम इस बात को अच्छी तरह समझते हैं।
महिला आरक्षण बिल पर तेजस्वी ने कहा कि भला महिलाओं का विरोध कौन करेगा? हम तो कहते हैं कि महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया जाए, लेकिन इसमें ओबीसी महिलाओं को भी जगह मिलनी चाहिए। उन्हें भी उनका हक मिलना चाहिए। न सिर्फ शहरों में रहने वाली औरतें, बल्कि गांवों में रहने वाली औरतों को भी संसद जाना चाहिए। ऐसा कोई बिल लाओ।
तेजस्वी ने राजद की तारीफ करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में राजद ने बिहार में सबसे अधिक 29 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया। राजद की 25 फीसदी लोकसभा सांसद महिला हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भी राजद ने ही सबसे अधिक 17 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया था। बिहार विधान परिषद में भी दलों में सबसे अधिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व 21.4 फीसदी राजद का है। अब तक बिहार की प्रथम और अंतिम महिला मुख्यमंत्री भी राजद से ही है। दूसरी ओर महिला विरोधी सरकार ने तो आज तक 75 वर्षों में बिहार के इतिहास में बिहार से एक भी महिला को केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बनाया है।

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