पंजाब में बेअदबी पर सख्त कानून का रास्ता साफ, राज्यपाल ने बिल को दी मंजूरी

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चंडीगढ़{ गहरी खोज }: पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने “जागृत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026” पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि यह बड़ा कदम है और उन्होंने वाहेगुरु का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें यह सेवा करने का अवसर मिला, इसके लिए वह कृतज्ञ हैं और समूची सिख संगत का धन्यवाद करते हैं। हालांकि, फिलहाल यह कानून केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों पर ही लागू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य धर्मों के लोगों से बातचीत कर जल्द ही उनके लिए भी इसी तरह का कानून लाया जाएगा।
नए कानून के तहत बेअदबी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जैसे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ‘स्वरूप’ (पवित्र ग्रंथ) को जानबूझकर फाड़ना, जलाना या किसी भी तरह से खंडित करना, पवित्र ग्रंथ पर थूकना, उसे गंदे हाथों से छूना या किसी ऐसी जगह रखना जहां उनकी गरिमा भंग होती हो, गुरु साहिब के स्वरूप को सार्वजनिक रूप से फेंकना या गलियों/नालियों में लावारिस छोड़ देना, पवित्र स्वरूप को चोरी करना या उसे मर्यादा के विरुद्ध अपने पास रखना, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की उपस्थिति में शराब, तंबाकू या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करना या लेकर जाना, सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से पवित्र बाणी या गुरु साहिब के प्रति अभद्र टिप्पणी या अपमानजनक फोटो-वीडियो बनाना।
इस कानून में सख्त सजा का प्रावधान किया गया है, जिसमें 5 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 20 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। इन अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है और इसमें सहयोग करने वालों को भी बराबर दोषी माना जाएगा। यह बिल 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इसे राज्य में धार्मिक सद्भाव बनाए रखने और बेअदबी के मामलों पर सख्ती से रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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