महिला आरक्षण विधेयक सरकार का एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम: डायरेक्टर आईआईटी

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पटना{ गहरी खोज }: आईआईटी पटना के डायरेक्टर टी.एन. सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक निश्चित रूप से भारत सरकार का एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। यह विधेयक वर्ष 2008 में भी 108वें संविधान संशोधन के रूप में लाया गया था, लेकिन सहमति के अभाव में इसे पारित नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा कि अब इतने वर्षों बाद इसे फिर से लाया गया है, जिसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। मुझे लगता है कि यह नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। समाज के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि महिलाएं केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और नीतिगत निर्णयों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी हो।
टी.एन. सिंह ने कहा कि यह बिल सुनिश्चित करता है कि महिलाओं की सोच, उनका अनुभव और उनकी भागीदारी कानून निर्माण की प्रक्रिया में बराबरी से शामिल हो। इसलिए यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि देश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए बेहद आवश्यक भी है।
एआई एजुकेशन में आईआईटी पटना के टॉप 5 में आने को लेकर उन्होंने कहा कि आईआईटी पटना के लिए यह काफी गौरवान्वित करने वाली बात है। यह सेकेंड जनरेशन आईआईटी है। हम 30-40 साल पुराने आईआईटी से थोड़ा आगे आए हैं। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों का स्नेह और सौहार्द रहा है। इसी वजह से यह उपलब्धि हम हासिल कर पाए। उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में बहुत सारे कार्य यहां हो रहे हैं।
आईआईटी पटना के निदेशक टी.एन. सिंह ने कहा कि सभी प्रयासों से हमें हर साल वैश्विक रैंकिंग में सुधार करने में मदद मिल रही है। हमारी वैश्विक रैंकिंग में भी सुधार हो रहा है और हम इस क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इन सभी संसाधनों और बेहतर प्रयोगशालाओं के विकास के साथ, आईआईटी पटना भविष्य में वैश्विक रैंकिंग में निश्चित रूप से एक बड़ी छलांग लगाएगा।
उन्होंने कहा कि हमने प्लेसमेंट प्रक्रिया को बेहद सुगम बना दिया है और इसके लिए हमने एक केंद्र भी बनाया है। इस केंद्र में छात्र, शिक्षक और प्रशासक मिलकर प्लेसमेंट रणनीतियां तैयार करते हैं। हम एक ऐसी परिकल्पना तैयार करते हैं, जिससे कि हम ज्यादा से ज्यादा संख्या में कंपनियों को बुला पाएं। पिछले वर्ष का रिकॉर्ड है कि 90 प्रतिशत से ऊपर विद्यार्थियों को कैंपस से प्लेसमेंट हुआ है। इस बार भी उसी तरह से हम लोग आगे बढ़ रहे हैं। बड़ी कंपनियां कैंपस में आना शुरू कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि रिसर्च के क्षेत्र में पर फैकल्टी पब्लिकेशन काफी सराहनीय और अच्छे हैं। दूसरे कई विभागों में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित हैं। उदाहरण के लिए हमारे पास संक्षारण और कोटिंग्स के क्षेत्र में एक बहुत महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां कई प्राइवेट पार्टनर्स भी हमारे साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम सामग्रियों की मजबूती और लचीलेपन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं ताकि उद्योग को इसका लाभ मिल सके।

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