पार्टी नेताओं को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के मुद्दे पर संयम बरतना चाहिए: सनी जोसफ

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ANI-20250509055341

तिरुवनंतपुरम{ गहरी खोज }: केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख सनी जोसफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के मुद्दे पर संयम बरतना चाहिए क्योंकि इस पर फैसला चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आलाकमान करेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने भी इसी तरह का विचार व्यक्त किया और कहा कि इस स्तर पर पार्टी नेताओं के लिए किसी को भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन देने वाली टिप्पणी करना या सोशल मीडिया पोस्ट करना अनुचित है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख जोसफ ने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘मैं इस मुद्दे पर किसी के भी द्वारा अपने विचार व्यक्त किए जाने के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन उन्हें यह आपस में और गोपनीय तरीके से करना चाहिए, न कि खुले तौर पर।’’
यह टिप्पणी उन्होंने उन पार्टी नेताओं के बयानों के जवाब में की, जिनमें पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष के सुधाकरन भी शामिल हैं, जिन्होंने कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में बयान दिए थे। उन्होंने कहा कि इस तरह खुले तौर पर अपने विचार व्यक्त करने से उन लोगों में असंतोष पैदा होगा, जो कांग्रेस में एकता की उम्मीद करते हैं।
चुनाव के दौरान और उसके बाद मुरलीधरन समेत वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया था कि वे परिणाम घोषित होने तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर किसी भी तरह की चर्चा से बचें। मुरलीधरन ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘ऐसी चर्चा अनावश्यक है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर फैसला उचित समय पर लिया जाएगा।’’ उन्होंने दोहराया कि इस समय किसी भी नेता के समर्थन में फेसबुक पोस्ट करना उचित नहीं है। मुरलीधरन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पार्टी आलाकमान इस संबंध में निर्देश देगा। मेरी राय यह है कि हमें जनता के सामने गलत छवि नहीं बनानी चाहिए।’’ चुनाव न लड़ने के बावजूद वेणुगोपाल के नाम की मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चर्चा होने पर मुरलीधरन ने कहा कि फिलहाल उनकी उम्मीदवारी पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने एक टीम के रूप में चुनाव लड़ा है और अगर गठबंधन विजयी होता है तो सभी सहयोगी दलों की भूमिका होगी।

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