सर्जन ने बताया मीठी चीजों का बहुत ज़्यादा सेवन हार्ट के लिए क्यों है खतरनाक? इन टिप्स को फॉलो करने से कम होगी शुगर क्रेविंग्स

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लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }: खाने में शुगर वाले फूड्स का सेवन आमतौर पर मोटापा या डायबिटीज से जोड़ कर देखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं ज़्यादा मीठी चीजों का सेवन आपके दिल पर भी गंभीर असर डाल सकती है? बोर्ड-सर्टिफाइड कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि ज़्यादा शुगर किस तरह से दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाती है और आप कैसे मीठी चीजों का सेवन कम कर सकते हैं?

शुगर का ज़्यादा सेवन दिल को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
ज़्यादा चीनी यानी मीठी चीजों का सेवन करने से ब्लड वेसेल्स सिकुड़ कर, सख्त होने लगती है और सूजन बढ़ने लगता है। इस वजह से धीरे धीरे धमनियों में प्लाक जमा होने लगता है और फिर बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जिससे हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, खाने के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना सामान्य है, लेकिन लगातार बहुत ज़्यादा शुगर खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) होता है, जहाँ सेल्स इंसुलिन पर ठीक से प्रतिक्रिया नहीं करते, जिससे ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ जाता है और यह टाइप 2 डायबिटीज का कारण बन सकता है। यह स्थिति शरीर के ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित करती है और फिर धीरे धीरे यह मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसे अन्य जोखिम कारकों को भी बढ़ाती है, जो हृदय रोग का कारण बनते हैं।

इन टिप्स को फॉलो कर कम करें चीनी का सेवन:
एडेड शुगर वाले खाने का सेवन कम करें: एडेड शुगर वाले फूड्स जैसे मीठे पेय जैसे सोडा, जूस, शुगरी ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड्स और मिठाइयों का सेवन करने से बचे। बिना चीनी वाली चाय/कॉफी पिएं। धीरे-धीरे मीठा कम करके प्राकृतिक मिठास या शुगर-फ्री विकल्पों को अपनाएं, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहे और वजन भी काबू में रहे।

मीठे पदार्थों से बचें: मीठे पदार्थों की जगह आप फलों जैसे प्राकृतिक स्रोतों को डाइट में शामिल करें। चीनी की जगह दालचीनी या वेनिला जैसे मसालों का उपयोग करें। यह वजन घटाने, ऊर्जा बढ़ाने और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं: खाने में बदलाव से ब्लड शुगर के अचानक बढ़ने को रोकने में मदद मिल सकती है। इसलिए, ज़रूरी पोषक तत्व जोड़ने होंगे। प्रोटीन और फाइबर ग्लूकोज के एब्जॉर्प्शन को धीमा करते हैं, इंसुलिन स्पाइक्स को कम करता है जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है।

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