मुंबई में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया बढ़ा दिया गया है। परिवहन प्राधिकरण ने ईंधन, बीमा और रखरखाव लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए संशोधित दरों को मंज़ूरी दी है।
किस पर कितना असर
- रोज़ाना कम दूरी का सफ़र करने वालों पर सीधा असर
- लोकल स्टेशन से घर-दफ़्तर तक की ‘लास्ट माइल’ यात्रा महंगी
- ऐप-आधारित कैब सेवाओं की दरों में भी बदलाव संभव
दोनों पक्षों की दलील
चालक यूनियनों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में लागत लगातार बढ़ी है और आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ी। दूसरी ओर यात्री संगठनों ने मांग की है कि किराया बढ़ाने के साथ मीटर की नियमित जांच, रिफ़्यूज़ल पर कार्रवाई और शिकायत निवारण व्यवस्था भी मज़बूत की जाए।
परिवहन विभाग ने कहा है कि संशोधित दरों वाले मीटर कैलिब्रेशन के लिए समयसीमा तय की जाएगी और अधिक वसूली की शिकायतों पर सख़्ती बरती जाएगी।