Digital Fraud पर गुजरात का मास्टर प्लान, 5300 बैंक शाखाओं को जोड़ा गया नए सिस्टम से
गांधीनगर, 22 जुलाई: गुजरात सरकार ने डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने और नागरिकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में गिफ्ट सिटी में बैंक अधिकारियों और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई।
बैठक में साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई, बैंक और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल तथा फ्रॉड के तुरंत बाद पैसे फ्रीज करने की व्यवस्था को और तेज करने पर चर्चा हुई।
श्री हर्ष संघवी ने कहा कि साइबर फ्रॉड के ‘गोल्डन आवर’ में केवल कुछ मिनट की देरी भी किसी परिवार की वर्षों की कमाई को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए रियल टाइम सिस्टम विकसित कर शिकायत मिलते ही संदिग्ध खातों में ट्रांसफर हुई रकम को तुरंत फ्रीज करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में वरिष्ठ नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे मामलों में बैंक कर्मचारियों को सतर्क रहकर बड़े लेन-देन की पुष्टि करनी चाहिए।
बैठक में साइबर अपराधों के पुराने मामलों और डेटा का विश्लेषण कर फ्रॉड के नए तरीकों को समझने तथा भविष्य में रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव संजीव कुमार, पुलिस महानिदेशक ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्य की 5300 से अधिक बैंक शाखाओं के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।
