गृहमंत्री ने किया त्रिपुरा बार्डर का दौरा, अवैध घुसपैठ पर प्रभावी उपाय का जताया संकल्प

0
716131637_1627821295366159_8106588043710584666_n

अगरतला{ गहरी खोज }: भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा अवैध घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कठोर रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को त्रिपुरा के सीमावर्ती लंकामुड़ा सीमा चौकी पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवानों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार जैसे सीमावर्ती राज्यों में जनसंख्या के असामान्य बदलाव को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में कमियों, कमजोरियों और चुनौतियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए केंद्र सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलाव चिंता का विषय है और सरकार सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अवैध गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इस अवसर पर गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अंतिम चरण में है और शीघ्र ही देश के सात से आठ महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में पायलट परियोजना के रूप में लागू की जाएगी। सफल परिणाम मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य सीमा क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट बॉर्डर परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक सेंसर, स्मार्ट फेंसिंग, ड्रोन निगरानी प्रणाली और आधुनिक सर्विलांस तकनीकों को एकीकृत किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों का तुरंत पता लगाया जा सके और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
अमित शाह ने कहा कि त्रिपुरा फ्रंटियर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो देश की सीमा की सुरक्षा करता है। उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ के आधुनिकीकरण के लिए 15 वर्ष से पुरानी लगभग 650 किलोमीटर की बाड़ में से 119 किलोमीटर नई बाड़ को भी हमने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि जवानों की सुविधाओं के लिए सीमा चौकियों की बिजली आपूर्ति, ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव, जवानों के लिए सुरक्षित पेयजल आदि प्रोजेक्ट न केवल शुरू किए गए बल्कि हमने उन्हें पूरा भी कर दिया है।
गृह मंत्री के अनुसार, तकनीक और मानव संसाधन के समन्वय से सीमा सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाया जाएगा। इससे सीमा क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में अवैध घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। सीमावर्ती राज्यों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों ने भी केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। ऐसे परिदृश्य में गृह मंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
त्रिपुरा प्रवास के दौरान अमित शाह ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत अगर पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सचिव, सीमा प्रबंधन और महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों से संवाद किया और सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में बीएसएफ की भूमिका की सराहना करते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें सतर्कता और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन जारी रखने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *