मेक इन इंडिया बताई जाने वाली वंदे भारत ट्रेन के ये पार्ट्स आते हैं विदेश से | RTI में खुलासा”
“वंदे भारत… भारत की सबसे आधुनिक ट्रेन।”एक ऐसी ट्रेन, जिसे ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का प्रतीक बताया जाता है।” “लेकिन अगर मैं आपसे कहूँ कि इस ट्रेन के कुछ महत्वपूर्ण पार्ट्स जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और चीन से आते हैं… तो क्या आप यकीन करेंगे?”यह दावा मेरा नहीं है। यह जानकारी भारतीय रेलवे को RTI के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में सामने आई है।”
“इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई द्वारा RTI में दी गई जानकारी के अनुसार, वंदे भारत ट्रेन में इस्तेमाल होने वाले कुछ महत्वपूर्ण पार्ट्स विदेशों से आयात किए जाते हैं।”
- सबसे पहले बात करते हैं Lightning Arrestor की। यह पार्ट जर्मनी में बनता है। इसका काम ओवर-वोल्टेज और बिजली गिरने जैसी स्थिति में ट्रेन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को नुकसान से बचाना होता है।
- अब बात करते हैं Current Transformer की। यह पार्ट इटली में बनता है। इसका उपयोग 25 KV लाइन में बहने वाले करंट को मापने और मॉनिटर करने के लिए किया जाता है।
- इसके बाद Potential Transformer की बात करते हैं। यह भी इटली में बनता है। इसका काम हाई वोल्टेज को मापन और नियंत्रण सिस्टम के लिए सुरक्षित स्तर पर लाना होता है।
- अब APC Receiver की बात करते हैं। यह पार्ट यूनाइटेड किंगडम (UK) में बनता है। इसका उपयोग ट्रैक पर लगे मैग्नेट से सिग्नल प्राप्त करने और ट्रेन की सुरक्षा प्रणाली को जानकारी देने के लिए किया जाता है।
- अब Electrically Operated Wiper System with Washer Tank की बात करते हैं। यह भी यूनाइटेड किंगडम (UK) में बनता है। इसका काम बारिश, धूल या गंदगी के दौरान ड्राइवर के सामने लगी विंडशील्ड को साफ रखना होता है।
- अब Primary Vertical Damper की बात करते हैं। यह पार्ट चेक रिपब्लिक में बनता है। इसका काम ट्रैक से आने वाले ऊपर-नीचे के झटकों और कंपन को कम करना होता है।
- इसके बाद Secondary Vertical Damper की बात करते हैं। यह भी चेक रिपब्लिक में बनता है। इसका उपयोग यात्रियों को अधिक आरामदायक और स्मूद सफर देने के लिए अतिरिक्त कंपन नियंत्रण में किया जाता है।
- अब Horizontal Damper की बात करते हैं। यह पार्ट जर्मनी में बनता है। इसका काम ट्रेन के दाएं-बाएं हिलने की गति को कम करना होता है।
- अब Yaw Damper की बात करते हैं। यह पार्ट चेक रिपब्लिक में बनता है। इसका उपयोग तेज गति पर कोच को स्थिर रखने और डगमगाने से रोकने के लिए किया जाता है।
- अब Air Spring की बात करते हैं। यह पार्ट जर्मनी में बनता है। इसका काम सस्पेंशन सिस्टम में झटकों को कम करना और यात्रियों को आरामदायक सफर देना होता है।
- अब Motor Coach Wheels की बात करते हैं। यह पार्ट हांगकांग, चीन से आता है। ये पहिए मोटर कोच में लगाए जाते हैं और ट्रेन की शक्ति को ट्रैक तक पहुंचाने का काम करते हैं।
- अब Trailer Coach Wheels की बात करते हैं। यह भी हांगकांग, चीन से आते हैं। ये बिना मोटर वाले डिब्बों को ट्रैक पर चलाने का काम करते हैं।
- सबसे आखिर में Primary Helical Spring की बात करते हैं। यह पार्ट जर्मनी में बनता है। इसका उपयोग सस्पेंशन सिस्टम में किया जाता है ताकि ट्रैक से आने वाले झटकों को अवशोषित किया जा सके और सफर अधिक आरामदायक बने।
“अब सबसे बड़ा सवाल…” “क्या इसका मतलब है कि वंदे भारत ‘मेक इन इंडिया’ नहीं है?””जवाब इतना सीधा नहीं है।””दुनिया की लगभग हर आधुनिक ट्रेन, कार और विमान में कुछ विशेष तकनीकी पार्ट्स अलग-अलग देशों से लिए जाते हैं।””मेक इन इंडिया का मतलब यह नहीं कि हर एक स्क्रू और हर एक पुर्जा भारत में ही बना हो।””लेकिन यह सवाल जरूर उठता है कि जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, तो क्या इन महत्वपूर्ण तकनीकी पार्ट्स का निर्माण भी देश में शुरू नहीं होना चाहिए?”
