120 गाड़ियों का काफिला लेकर निकले सज्जन सिंह पर गिरी गाज, भाजपा ने जिलाध्यक्ष पद से हटाया

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भोपाल{ गहरी खोज }: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन खपत कम करने की अपील की अवहेलना पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने अनुशासनहीनता पर भाजपा किसान मोर्चा भिंड जिला के अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को उनके पद से हटा दिया है।
दरअसल, मध्य प्रदेश के भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को 120 गाड़ियों के काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन करना भारी पड़ा है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और प्रधानमंत्री के संदेश की अवहेलना मानते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें पद से हटा दिया।
सज्जन सिंह बुधवार को समर्थकों के साथ ग्वालियर से भिंड तक करीब 120 गाड़ियों के लंबे काफिले में पहुंचे थे। शहर में जगह-जगह समर्थकों ने उनका स्वागत किया। कई स्थानों पर फूल-मालाओं और नारों के बीच यह कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।
सज्जन सिंह यादव भिंड जिले के मौ क्षेत्र के सक्रिय भाजपा नेता माने जाते हैं। वे पहले मौ मंडी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी वंदना यादव वर्तमान में मौ नगर परिषद की अध्यक्ष हैं। संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद समर्थकों ने बड़े स्तर पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन यही प्रदर्शन अब उनके खिलाफ कार्रवाई का कारण बन गया। काफिले के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। इसके बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। मामला प्रदेश संगठन तक पहुंचा और गुरुवार को कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया कि 13 मई को ग्वालियर से भिंड तक निकाली गई रैली प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा बचत संबंधी अपील के विपरीत थी। इसे संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। संगठन ने यह भी स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी में किसी भी पदाधिकारी को व्यक्तिगत शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी, चाहे वह किसी भी स्तर का नेता क्यों न हो।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने यह कार्रवाई पूरे संगठन को संदेश देने के उद्देश्य से की है। पार्टी यह दिखाना चाहती है कि प्रधानमंत्री के संदेशों की अनदेखी अब सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी बीते कई वर्षों से “प्रो-प्लैनेट लाइफस्टाइल”, ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने कई मंचों से अनावश्यक बिजली उपयोग कम करने, ईंधन बचाने और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं कई मौकों पर सादगी और ऊर्जा संरक्षण की बात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सरकारी आयोजनों तक बिजली और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री समेत राज्य सरकार के मंत्रियों ने भी अपने वाहन काफिले सीमित किए हैं। पहले जहां मंत्रियों के साथ बड़ी संख्या में वाहन चलते दिखाई देते थे, वहीं अब कई मंत्री कम वाहनों के साथ यात्रा करते नजर आते हैं।
इसके अलावा, सरकारी कार्यक्रमों में भी अनावश्यक खर्च कम करने पर जोर बढ़ा है। कई विभागों को बिजली और ईंधन की बचत के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी बैठकों में डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि संसाधनों की बचत हो सके।

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