मुख्यमंत्री ने की दिल्ली मेट्रो के फेज-5 (बी) में 7 नए कॉरिडोर की घोषणा

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली मेट्रो के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होते हुए मेट्रो विस्तार को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेट्रो के फेज-IV और फेज-V के तहत विस्तार कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और फेज-V (बी) के अंतर्गत सात नए कॉरिडोरों पर काम शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इससे राजधानी के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इस अवसर पर केंद्रीय शहरी एवं आवासन राज्य मंत्री तोखन साहू, डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी एवं दिल्ली मेट्रो परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिल्ली को दो नए कॉरिडोर समर्पित किए गए हैं और तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया है, जिन पर कार्य शुरू हो चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज राजधानी की ‘लाइफ लाइन’ बन चुकी है और यह केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि भरोसे और दक्षता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1995 में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की स्थापना के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज 416 किलोमीटर लंबे नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। शुरुआती दौर में इस परियोजना को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेट्रो ने अपने कार्यकुशल संचालन और अनुशासन के जरिए न केवल जनता का विश्वास जीता, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी अपनी विश्वसनीयता स्थापित की। आज ‘मेट्रो’ शब्द ही भरोसे का पर्याय बन चुका है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो वर्तमान में 303 स्टेशनों और 343 ट्रेनों के साथ प्रतिदिन 4,500 से अधिक फेरे संचालित कर रही है और रोजाना 65 लाख से अधिक यात्रियों को सुविधा प्रदान कर रही है। लगभग 100 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल जैसी जटिल परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करना मेट्रो की तकनीकी क्षमता और मजबूत प्रबंधन का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो के बिना दिल्ली की कल्पना करना आज बेहद कठिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक प्रदूषण है और इसका स्थायी समाधान सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना है। दिल्ली मेट्रो इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है। सरकार न केवल मेट्रो के रूट और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही है, बल्कि लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, यात्रियों के अनुभव और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली मेट्रो को संयुक्त राष्ट्र से कार्बन क्रेडिट प्राप्त हुआ है और इसने 6 लाख टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान दिया है, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
वित्तीय प्रबंधन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो परियोजनाओं में निवेश की हर राशि का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ योजनाओं को आगे बढ़ा रही है ताकि आने वाले वर्षों में भी दिल्ली को आधुनिक और सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था मिलती रहे।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों को अभिनव सुझाव भी दिया। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों पर ‘क्लॉथ बैंक’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जहां पुराने कपड़ों को रिसाइकल किया जा सके। उन्होंने इस पहल में महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने पर बल दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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