बहू को ताने देना छोड़ें, पोते-पोतियों को संस्कार दें: हर्ष संघवी

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सूरत{ गहरी खोज }: सूरत शहर के सरसाना कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य ‘वडील वंदना’ कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुजुर्गों को परिवार और नई पीढ़ी के संस्कारों को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन किरण हॉस्पिटल द्वारा किया गया, जिसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर हजारों बुजुर्गों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव बहुत बड़ा होता है। उन्होंने बुजुर्गों से अपील की कि वे बहू को ताने देने के बजाय अपने पोते-पोतियों को समय और संस्कार दें। यदि बच्चे मोबाइल में व्यस्त हों तो उनकी उंगली पकड़कर उन्हें बाहर खेलने या मंदिर ले जाएं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को मोबाइल के दुष्प्रभाव से बचाकर संस्कार देना बुजुर्गों की अहम जिम्मेदारी है।
उपमुख्यमंत्री ने मोबाइल और टीवी को आज का बड़ा सामाजिक दुष्प्रभाव बताते हुए कहा कि अधिकांश घरों में यह समस्या मौजूद है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को दूर करने में बुजुर्गों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और समाज को इस दिशा में मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने एक संवेदनशील पहल की जानकारी देते हुए बताया कि गुजरात पुलिस वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को उनके परिवार से दोबारा जोड़ने का प्रयास कर रही है। यह काम दबाव से नहीं, बल्कि समझाइश और प्रेम से किया जा रहा है, ताकि माता-पिता और बच्चों के बीच की दूरी कम हो सके। कार्यक्रम के आयोजन के लिए किरण हॉस्पिटल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास परिवार को जोड़ने का काम करते हैं।
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने जोर देकर कहा कि समाज, सरकार और संस्थाएं यदि साथ मिलकर काम करें तो नए वृद्धाश्रम खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लक्ष्य यह होना चाहिए कि दादा-दादी, माता-पिता और बच्चे एक ही छत के नीचे प्रेम और सम्मान के साथ रहें।

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