ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में किया गया यह दान बदल देगा तकदीर! श्रीहरि की बरसेगी असीम कृपा

0
Lord-Vishnu-in-Hindu-Mythology-Significance-and-Symbolism-Indias-Biggest-Dashakarma-Bhandar-Poojn.in_

धर्म { गहरी खोज } :ज्येष्ठ हिंदू कैलेंडर का तीसरा और सबसे गर्म महीना होता है। जो मई से जून के बीच में पड़ता है। इस महीने में भीषण गर्मी पड़ती है जिस कारण इस दौरान पानी के घड़े का दान अत्यंत पुण्य दायी माना जाता है। ज्येष्ठ में कई लोग अपने घर के बाहर पियाऊ भी लगवाते हैं जिससे प्यासे लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। इसके अलावा इस महीने में पंखे, चप्पल इत्यादि कई अन्य चीजों का दान भी शुभ फलदायी माना जाता है। चलिए अब विस्तार से बताते हैं इस पूरे महीने में किन-किन चीजों का दान जरूर करना चाहिए।

जल दान
ज्येष्ठ महीने में जल का दान सबसे बड़ा दान माना जाता है। कहते हैं इस महीने में प्यासे को पानी पिलाने से खूब पुण्य मिलता है। कहा जाता है कि ज्येष्ठ महीने में किया गया ये दान अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फलदायी होता है। इस महीने रास्ते में राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना चाहिए। इसके अलावा पशु-पक्षियों के लिए छतों पर पानी रखना चाहिए और मिट्टी के घड़े का दान करना चाहिए। कहते हैं ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा और शुक्र की स्थिति मजबूत होती है।

सत्तू, गुड़ और रसीले फलों का दान
ज्येष्ठ महीने में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाली चीजों का दान बेहद पुण्यदायी माना जाता है। कहते हैं इससे भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में इस महीने में सत्तू, गुड़, आम, खरबूजा, तरबूज और नारियल पानी का दान जरूर करना चाहिए। कहते हैं इस दान से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।

राहत देने वाली वस्तुओं का दान
इस महीने में जरूरतमंदों को छाता, जूते-चप्पल, हाथ वाले पंखे या सूती वस्त्रों का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

ज्येष्ठ महीने की ये तिथि दान के लिए सबसे शुभ
ज्येष्ठ महीने में खासकर एकादशी और पूर्णिमा के दिन दान जरूर करना चाहिए। कहते हैं इस दिन किया गया दान सीधे पितरों तक पहुंचता है, जिससे पितृ दोष से राहत मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *