बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार को खुलेंगे, पवित्र गद्दी और गरुड़ डोली रवाना

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चमोली{ गहरी खोज }: चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। कपाटोद्घाटन परंपरा के तहत मंगलवार को नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ से पूजा-अर्चना के पश्चात आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी एवं भगवान गरुड़ की उत्सव डोली वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर गई।
बदरीनाथ यात्रा की धार्मिक परंपराओं के तहत मंगलवार को श्री नृसिंह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के पश्चात एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र पवित्र गद्दी और गरुड़जी की उत्सव मूर्ति को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत रूप से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती उपस्थित रहे। डोली प्रस्थान के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने जयकारों के साथ धार्मिक यात्रा का स्वागत किया।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि 22 अप्रैल को योग बदरी पांडुकेश्वर से उद्धव जी, कुबेर जी और शंकराचार्य गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। गरुड़ जी की डोली अग्रिम रूप से प्रस्थान कर चुकी है। इसी कड़ी में श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी पारंपरिक तेल कलश (गाडू घड़ा) के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे। तेल कलश 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और आवास सहित सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया गया है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के अनुसार, ज्योतिर्मठ के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता के साथ देवडोलियां विधिवत रूप से धाम के लिए रवाना हुईं। देवडोलियों के प्रस्थान के दौरान स्कूली बच्चों ने लगभग दो किलोमीटर तक मार्ग में पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा। इससे पूर्व बीते शनिवार को ज्योतिर्मठ में पारंपरिक तिमुंडिया वीर पूजन और गरूड़ छाड़ मेला आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ यात्रा के सफल संचालन और शुभारंभ के लिए आशीर्वाद मांगा।

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