कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं : रंजीत रंजन
रायपुर{ गहरी खोज }: कांग्रेस की छत्तीसगढ़ से राज्य सभा सांसद रंजीत रंजन ने कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि आपत्ति परिसीमन बिल को लेकर है। राज्य सभा सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को रायपुर में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय, ‘राजीव भवन’ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिखाने के दांत अलग और खाने के अलग हैं।
सांसद रंजीत ने सवाल उठाया कि जब पूरा विपक्ष 2023 में ही महिला आरक्षण के समर्थन में था, तो सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन की शर्तों में क्यों उलझाया। उनके अनुसार, सरकार चाहती तो 2024 के चुनावों में ही 543 लोकसभा सीटों पर इसे लागू कर सकती थी। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को अचानक बुलाए गए विशेष सत्र की मंशा पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि यह सत्र आरक्षण देने के लिए नहीं, बल्कि जटिल शर्तें फंसाकर बिल को गिरवाने की एक सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2026 में होने वाले पांच राज्यों के चुनावों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है, जिसे उन्होंने कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना करार दिया।
उन्होंने कहा कि बिना जनगणना के परिसीमन कैसे किया जा सकता है। जनगणना के बाद ही परिसीमन विधेयक लाया जाना चाहिए। मोदी सरकार की नीयत साफ नहीं है। वह महिला विरोधी रवैया अपना रही है। सांसद के साथ प्रेस कांफ्रेंस में विधायक सावित्री मंडावी, अनिला भेड़िया और अन्य महिला पदाधिकारी भी मौजूद थीं।
