महिला आरक्षण की राह में बाधा डालकर कांग्रेस और गठबंधन के दलों ने ‘महापाप’ किया है : विष्णुदेव साय
रायपुर{ गहरी खोज }: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की आधी आबादी को नेतृत्व के अधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से महिला आरक्षण की राह में बाधा डालने का जो ‘महापाप’ कांग्रेस और गठबंधन के दलों ने किया है, उसका परिणाम उन्हें अवश्य भुगतना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री साय ने रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े, सांसद लक्ष्मी वर्मा के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोक सभा में पारित नहीं हो पाने पर पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक सभा में 131वें संविधान संशोधन महिला आरक्षण बिल की राह में बाधा डालकर कांग्रेस, टीएमसी व सपा ने देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। आज पूरे विपक्ष का चेहरा उजागर हो चुका है। आने वाले समय में इंडी गठबंधन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम सबका हमारा संघर्ष जारी रहेगा और महिलाओं को लोक सभा तथा विधान सभा में 33 प्रतिशत का हक दिलाकर रहेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक हमारी माताओं-बहनों के लिए लोक सभा और विधान सभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त करने वाला था। लेकिन, परिवारवादी राजनीति और वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस ने देश की करोडों महिलाओं के साथ धोखा किया है। देश की आधी आबादी को नेतृत्व के अधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से महिला आरक्षण की राह में बाधा डालने का जो ‘महापाप’ कांग्रेस और इंडी गठबंधन दलों ने किया है, उसका परिणाम उन्हें अवश्य भुगतना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से नारियों का सम्मान हुआ है। हम लोग अपने देश में नारियों को दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी का अवतार मानते हैं। उसी दिशा में उनका नेतृत्व सुनिश्चित करने का काम होने जा रहा था, लेकिन जिस तरह से इंडी गठबंधन ने, खासतौर से कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने जिस तरह से अधिनियम का विरोध किया और अधिनियम को पास नहीं होने दिया, उससे देश की आधी आबादी के उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नारियों के विकास हुआ है। शौचालय निर्माण का काम, उज्ज्वला योजना में काम हुआ है। महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को राशि भेजने का काम हम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस अग्रेजों की चाल चलती है। सभी दल 3 दशकों से महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, लेकिन जब इसको पास कराने की बात आती है, तो ये दल हर अपना मुंह फेर लेते हैं। यह देश के 70 करोड़ माता-बहनों के साथ धोखा है। आने वाले समय में इंडी गठबंधन की इसका खामियाजा सहना पड़ेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने लोक सभा में महिला आरक्षण बिल के पारित नहीं हो पाने पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना था। लेकिन कांग्रेस और विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का हनन किया। कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने बिल को पास होने नहीं दिया। महिला अधिकार की बात जब भी आई, कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार के साथ धोखा किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के हितों की उपेक्षा की। समाजवादी पार्टी और आरजेडी ने हमेशा महिलाओं को गाली देने का काम किया। बिल पास नहीं के बाद विपक्ष के लोगों ने तालियां बजाई और खुशियां मनाई, जबकि हमारे आंखों में आंसू थे। कांग्रेस के लोग चालबाज हैं। कांग्रेस ने बहुत बड़ा पाप किया है, इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
