हूती विद्रोहियों की ट्रंप को धमकी: दुनिया में अशांति फैलाना बंद करो, न माने तो समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब भी कर देंगे बंद

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हूती{ गहरी खोज }: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और अब इसका असर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर दिखाई देने लगा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे बाब-अल-मंदेब को बंद कर सकते हैं। यह बयान हूती प्रशासन के डिप्टी विदेश मंत्री हुसैन अल-एज़ी (Hussein al-Ezzi) ने दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रम्प और उनके अनुसार “सहयोगी दुनिया” ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं और शांति में बाधा डालना बंद नहीं किया, तो सना (यमन की राजधानी) यह कठोर फैसला ले सकता है। उनका दावा था कि अगर बाब-अल-मंदेब को बंद करने का निर्णय लिया गया, तो कोई भी ताकत उसे दोबारा खोल नहीं पाएगी।
उन्होंने दुनिया से अपील की कि यमन के लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और क्षेत्र में शांति स्थापित की जाए। Bab al-Mandeb Strait दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और आगे यह मार्ग Suez Canal तक जाता है। इसकी चौड़ाई सबसे संकरे हिस्से में लगभग 29 किलोमीटर है, जिससे जहाजों की आवाजाही सीमित चैनलों में होती है। एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच होने वाला बड़ा व्यापार, खासकर कच्चा तेल और ईंधन, इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए अगर यह मार्ग बंद होता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन, शिपिंग और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। इस बीच Donald Trump ने Israel का खुलकर समर्थन किया है।
उन्होंने इजराइल को अमेरिका का “बेहतरीन और भरोसेमंद सहयोगी” बताया और कहा कि संकट के समय इजराइल ने अपनी ताकत और रणनीतिक क्षमता साबित की है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि कुछ अन्य देश दबाव के समय कमजोर साबित हुए हैं, जबकि इजराइल मजबूती से खड़ा रहा। यह पूरा घटनाक्रम उस समय हो रहा है जब United States, Iran और इजराइल के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर सख्त समुद्री नियंत्रण और जांच अभियान शुरू किया है, जिसे ईरान ने आक्रामक कदम बताया है। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Strait of Hormuz पर भी सख्ती बढ़ा दी है। पहले कुछ शर्तों के तहत जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही थी, लेकिन अब उस नीति को वापस ले लिया गया है।
यह जलडमरूमध्य भी बेहद अहम है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अब स्थिति यह है कि अगर Strait of Hormuz और Bab al-Mandeb Strait दोनों पर संकट गहराता है, तो दुनिया के दो सबसे बड़े समुद्री तेल मार्ग एक साथ प्रभावित हो सकते हैं। इससे न केवल तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, बल्कि वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक क्षेत्रीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि एक ऐसा वैश्विक संकट बनता जा रहा है, जो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकता है।

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