निर्वाचन आयोग ने प्रिंट मीडिया में चुनावी विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन को किया अनिवार्य
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: भारत निर्वाचन आयोग ने आम चुनाव और उपचुनाव 2026 के दौरान प्रिंट मीडिया में चुनावी विज्ञापनों के नियमों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव तथा छह राज्यों में होने वाले उपचुनावों के दौरान निष्पक्ष चुनावी माहौल सुनिश्चित करने के लिए चुनाव से ठीक एक दिन पहले और चुनाव के दिन किसी भी प्रकार के राजनीतिक विज्ञापन का प्रकाशन केवल तभी किया जा सकता है, जब उसकी सामग्री राज्य या जिला स्तर पर गठित मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से पूर्व-प्रमाणित हो।
आयोग ने स्पष्ट किया कि कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार, संगठन या व्यक्ति बिना पूर्व-प्रमाणन के प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकता। इसके लिए कोई भी व्यक्ति या चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार जिला एमसीएमसी के पास आवेदन कर सकता है। वहीं, किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यालय रखने वाले सभी पंजीकृत राजनीतिक दल ऐसे विज्ञापनों के प्रमाणन के लिए राज्य स्तरीय एमसीएमसी के पास आवेदन करेंगे।
आयोग ने प्री-सर्टिफिकेशन की समय सीमा भी निर्धारित की है। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले आम चुनाव के लिए विज्ञापन का प्रकाशन 8 और 9 अप्रैल को होना है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होने के कारण 22 और 23 अप्रैल को प्री-सर्टिफिकेशन जरूरी है। पश्चिम बंगाल में चरण-प्रक्रिया में चुनाव होने के कारण 23 और 29 अप्रैल को प्री-सर्टिफिकेशन अनिवार्य है।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन के लिए आवेदन कम से कम दो दिन पहले एमसीएमसी में जमा कराना होगा। राज्य और जिला स्तर पर एमसीएमसी को इस प्रक्रिया में सक्रिय कर दिया गया है, ताकि आवेदन की जांच और पूर्व-प्रमाणन तेजी से किया जा सके।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि एमसीएमसी केवल प्री-सर्टिफिकेशन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मीडिया में ‘पेड न्यूज’ या पैसे देकर छपवाई गई खबरों के संदिग्ध मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा अनुचित लाभ उठाने से रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आयोग ने सभी दलों और उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में सहयोग दें।
