प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित साझा कर देश को बताया साहस और वीरता का महत्व

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को संस्कृत सुभाषित साझा कर साहस और वीरता के महत्व को देश को बताया। उन्होंने कहा कि एक साहसी व्यक्ति अपने पराक्रम से पूरे विश्व को प्रभावित कर सकता है। प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा कि वीरता और पराक्रम ऐसी पूंजी है, जिससे हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं का साहस और आत्मविश्वास इसी भावना की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित भी साझा किया- एकेनापि हि शूरेण पादाक्रान्तं महीतलम्। क्रियते भास्करेणेव स्फारस्फुरिततेजसा ॥ इस सुभाषित का अर्थ है कि जैसे सूर्य अपनी तेजस्वी किरणों से पूरी पृथ्वी को प्रकाशित कर देता है, उसी प्रकार एक साहसी और पराक्रमी व्यक्ति अपने तेज, साहस और कर्मों के बल पर पूरे संसार को प्रभावित कर सकता है।

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