ट्रंप की बातों पर यकीन करने वाले अब चुप क्यों है…

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सुनील दास
संपादकीय { गहरी खोज }:
राजनीति करने वालों को सच या झूठ से कोई मतलब नही होता है। जिससे उनको लगता है कि राजनीतिक फायदा हो सकता है, वह उस पर आंख मूंदकर यकीन कर लेते हैं मान लेते हैं कि इससे बड़ा सच कहने वाला कोई नहीं है और इससे बड़ा सच कोई नहीं हो सकता। भले ही कहने वाले अपने फायदे के लिए झूठ कह रहा हो। माना जाता हो कि यह आए दिन झूठ बोलता है, लेकिन उसके झूठ से यदि राजनीति करने वालों को फायदा होता है तो किसी नेता को कुछ कहने का मौका मिलता है तो वह उस झूठ को लपकने में देरी नहीं करते है।ट्रंप ने कहा कि आपरेशन सिंदूर मैंने रुकवाया तो भारत में राहुल गांधी सहित कांग्रेस को लगा कि यह मौका है पीएम मोदी को कमजोर नेता बताने का तो उन्होंने खूब प्रचार किया कि ट्रंप के सामने पीएम मोदी ने सरेंडर कर दिया।
राहुल गांधी कई दिनों तक यह जुमला जगह जगह कहते रहे कि नरेंदर सरेंडर। पीएम मोदी डरपोक पीएम है, पीएम मोदी कमजोर पीएम हैं। ट्रंप ने उनको फोन करके कहा कि नरेंदर सरेंडर और पीएम मोदी ने आपरेशन सिंदूर बंद कर ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया। पीएम मोदी ने भले ही ट्रंप की बातों का कोई जवाब नहीं दिया लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ,विदेश विभाग व सेना की तरफ से कई बार कहा गया कि ट्रंप झूठ कह रहे हैं। आपरेशन सिंदूर ट्रंप के कहने पर बंद नहीं किया गया है, पाक सेना के अधिकारी के आग्रह पर आपरेशन सिंदूर रोका गया है,उसे खत्म नहीं किया गया है लेकिन राहुल गांधी व कांग्रेस ने रक्षामंत्री,विदेश विभाग व सेनाके अधिकारियों की बात पर यकीन नहीं किया और देश में इस झूठ का प्रचार करते रहे कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया है।
ट्रंप अगर हमेशा सच कहते हैं और राहुल गांधी सहित कांग्रेस उस पर यकीन करती है तो उनको ट्रंप की हर बात पर यकीन करना चाहिए। अब ट्रंप ने संसद में दिए अपने स्टेट आफ यूनियन के संबोधन में अब तक का सबसे बड़ा दावा किया है और राहुल गांधी सहित कांग्रेस के नेता चुप है, सवाल उठता है कि क्यों चुप है, ट्रंप ने ऐसा क्या कह दिया है कि राहुल गांधी व कांग्रेस नेता को सदमा लग गया है कि ट्रंप ने यह क्या कह दिया है।ट्रंप ने संसद में कहा है कि आपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने हस्तक्षेप कर द.एशिया को परमाणु युध्द से बचाया है। अगर वह ह्स्तक्षेप नहीं करते तो पाकिस्तान के तीन करोड़ लोग मारे जाते।इस बार ट्रंप ने नया यह कह दिया कि उनके सामने पाक पीएम शहबाज शरीफ ने स्वीकार किया था कि अमरीका ने दखल नहीं दिया होता तो वह भी मारे जा सकते थे और भारी जनहानि हो सकती थी।
अमरीका के राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी कुछ भी कह सकते हैं, बड़े से बड़ा झूठ भी कह सकते हैं क्योंकि वह सोचते हैं कि वह कुछ भी कह देंगे तो छोटे देश के पीएम उनकी बात को झूठ नहीं सकते लेकिन भारत ने ट्रंप को कई बार बयान देकर बता दिया था कि वह झूठ कह रहे हैं लेकिन पाक पीएम की तरफ से अब तक यह नहीं कहा गया है कि ट्रंप ने जो कुछ पाक पीएम व पाक जनता के बारे में कहा है वह झूठ है।ट्रंप ने जो कुछ कहा है उससे से साफ होता है कि आपरेशन सिंदूर से पाक पीएम डरे हुए थे और वह सैन्य कार्रवाई रुकवाना चाहते थे और ऐसा करने का अऩुरोध उन्होंने ट्रंप से किया था। इससे तो यह साबित होता है कि पीएम मोदी ने जो कुछ किया बड़ी मजबूती से किया था और यह भी कहा था कि पाकिस्तान ने अगर भविष्य में आतंकवादी कार्रवाई तो आपरेशन सिंदूर फिर से किया जा्एगा।
स्टेट आफ यूनियन में ट्रंप ने १०७ मिनट भाषण दिया। वहीं के विपक्षी खेमे व फैक्ट चेकर्स ने बताया कि उन्होंने अपने भाषण में २० झूठ बोले यानी हर पांच मिनट ने एक झूठ बोला। इससे तो यही पता चलता कि ट्रंप झूठ बोलते हैं, हर पांच मिनट में एक झूठ बोलते हैं।झूठ बोलना उनकी आदत है,वह झूठ अपने आपको को शांति का मसीहा, विश्व शांति का रक्षक बताने के लिए कहते रहते हैं। उनकी बातों पर राहुल गांधी जैसे लोग और कांग्रेस जैसी झूठ की राजनीति करने वाली पार्टी यकीन करती हैं और झूठे साबित होते रहते है। ट्रंप ने कहा कि इंडिया की इकानामी डेड है, राहुल गांधी ने भी कहा और ट्रंप की तरह झूठे साबित हुए।अब नरेंदर सरेंडर मामले में भी राहुल गांधी झूठे साबित हुए हैं क्योंकि आपरेशन सिंदूर का आदेश एक मजबूत पीएम ही दे सकता था और उससे पाक को बहुत नुकसान हुआ है और बहुत नुकसान हो सकता था।

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