विधायक जनार्दन पासवान ने उठाया पैक्स को दिए गए अनुदान का मामला

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रांची{ गहरी खोज }: झारखंड विधानसभा के सातवें दिन गुरुवार को सदन में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से पशुओं के लिए दिए गए अनुदान को लेकर जोरदार बहस हुई। विधायक जनार्दन पासवान ने विभाग की ओर से दिए गए जवाब पर नाराजगी जताते हुए अनुदान और कर्ज की राशि को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी।
विधायक ने कहा कि विभाग की ओर से पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) को ट्रैक्टर और गाय उपलब्ध कराए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सहायता कर्ज के रूप में थी या अनुदान के रूप में, सरकार इसे स्पष्ट करे।
इसपर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2013-14 में 11 करोड़ 58 लाख 44 हजार रुपये अनुदान के रूप में पैक्स को दिए गए थे। इसके अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 14 करोड़ रुपये की राशि पैक्स को उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें से 5 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में दिए गए थे।
मंत्री शिल्पी के जवाब पर विधायक ने फिर स्पष्ट ब्योरा प्रस्तुत करने की मांग की, ताकि यह साफ हो सके कि ट्रैक्टर और गाय जैसी परिसंपत्तियां अनुदान के तहत दी गईं या ऋण के रूप में दी गई। इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र महतो ने कहा कि पूरे मामले को मंत्री पुनः विभाग से देखवा लें और सदस्य को जानकारी दें।
झारखंड विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन डुमरी विधायक जयराम महतो ने सदन में ओबीसी छात्रवृत्ति का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि सरकार छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति देगी या नहीं।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि केंद्र सरकार से छात्रवृत्ति के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। उन्हाेंने कहा कि पैसा आएगा या नहीं, विभाग भी इस पर असमंजस में है। मंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति का पैसा तब तक जारी नहीं किया जा सकता, जब तक केंद्र से राशि नहीं आती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए कुछ नियमों और प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक है। इसके बाद ही भारत सरकार की ओर से सभी पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी। जय राम महतो ने सुझाव दिया कि जब तक छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही है, तब तक उनके लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए। जब छात्रवृत्ति का पैसा आएगा तो उससे आप पैसा काट लीजियेगा।
विधायक ने कहा कि पांच करोड़ का विधायक निधि देने की बजाय उन पैसों से छात्रों का भविष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि पांच साल विधायक निधि नहीं मिलेगा तो फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर पांच साल तक बच्चे नहीं पढ़ेंगे तो इसका असर राज्य पर पड़ेगा। ब्याज मुक्त ऋण पर मंत्री ने कहा कि समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा रही है और सरकार इसे जल्द से जल्द निपटाएगी।

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