एसआरसीसी युगांतर वार्षिक प्रबंधन कॉन्क्लेव में शामिल हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) ने शुक्रवार को युगांतर वार्षिक प्रबंधन कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह उपस्थित रहें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडिया एआई शिखर सम्मेलन के संदर्भ में कहा कि भारत ने ग्लोबल साउथ की जिम्मेदारी उठाई है। एआई शिखर सम्मेलन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब तक भारत एआई का उपयोगकर्ता रहा है, लेकिन धीरे-धीरे देश ‘सॉवरेन एआई’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जरूरतमंद देशों की क्षमता बढ़ाने और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने का भी संकल्प लिया है।
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में युगांतर वार्षिक प्रबंधन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 1926 में स्थापित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स अपनी शताब्दी मना रहा है और पिछले 25 वर्षों से यहां एक प्रतिष्ठित बी-स्कूल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि एसआरसीसी के पास शैक्षिक उत्कृष्टता की एक शानदार विरासत है। देश में वाणिज्य शिक्षा को आकार देने के 100 गौरवशाली वर्षों पर एसआरसीसी परिवार को बधाई।
उन्होंने कहा कि भारत की अभिनव क्षमता अतुलनीय है और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को उसकी वास्तविक भावना के साथ लागू करना आवश्यक है। उन्हें विश्वास है कि एसआरसीसी और जीबीओ जैसे पाठ्यक्रम अपनी नेतृत्वकारी भूमिका बनाए रखेंगे। उन्होंने एसआरसीसी के पूर्व छात्र स्वर्गीय अरुण जेटली को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अरुण जेटली का एक बड़े भाई और गुरु के रूप में मेरे जीवन पर गहरा प्रभाव था।
केंद्रीय मंत्री ने एसआरसीसी के छात्रों को बड़े सपने देखने और नवाचार की भावना से प्रेरित रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें न केवल भारत की समृद्धि के लिए बल्कि वैश्विक कल्याण के लिए भी काम करना होगा। मंत्री ने छात्रों पर विश्वास जताते हुए कहा कि छात्र भारत ब्रांड के वैश्विक राजदूत बनेंगे। साथ ही शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा करते हुए खुशी जाहिर की कि ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशंस (जीबीओ) पाठ्यक्रम को जल्द ही मास्टर डिग्री प्रोग्राम में बदल दिया जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का एसआरसीसी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समय निकाला पर विश्वविद्यालय और एसआरसीसी प्रबंधन की ओर स्वागत और आभार व्यक्त किया।

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