विरासत तालाबों के संरक्षण पर सरकार गंभीर: झाबर सिंह खर्रा

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जयपुर{ गहरी खोज }: नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार विरासतकालीन तालाबों और जल संग्रहण स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए सतत प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में जल स्त्रोतों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि कोटा विकास प्राधिकरण ने किशोर सागर तालाब के सौंदर्यकरण के लिए कार्य आदेश जारी कर दिए हैं। इस परियोजना पर 82.31 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि कोटा के अन्य जल स्रोतों का भी सर्वे के आधार पर संरक्षण और विकास किया जाएगा। इसके अलावा 3.25 करोड़ रुपये की लागत से काला तालाब की सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
शून्यकाल के दौरान सदस्य संदीप शर्मा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में कॉलोनियां बसने से ड्रेनेज सिस्टम बाधित हुआ है, जिससे जलभराव और तालाबों की स्थिति प्रभावित हुई है। खर्रा ने सदन को आश्वस्त किया कि कोटा क्षेत्र के सभी तालाबों का सैटेलाइट फोटो के माध्यम से अवलोकन कराया जाएगा। रिकॉर्ड में दर्ज तालाबों की वर्तमान स्थिति की जांच कर उन्हें पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। साथ ही तालाब क्षेत्रों में अतिक्रमण रोकने और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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