प्रवासी मजदूरों पर हमला

0
attack
  • इरविन खन्ना
    संपादकीय { गहरी खोज }:
    मंगलवार सुबह दो प्रवासी मजदूरों पर मोगा में हुआ हमला पंजाब के लिए एक अशुभ संकेत है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव परिणामों को प्रभावित करने हेतु किए गए इस हमले से पंजाब की राजनीति के गर्म होने के साथ-साथ पंजाब का माहौल भी गर्मा जाएगा। प्रकाशित समाचार अनुसार मोगा में मंगलवार सुबह दो मजदूरो पर बाइक सवार तीन नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग कर दी। एक मजदूर की टांग में तीन, और दूसरे की टांग में एक गोली लगी। वारदात मोगा-जीरा रोड पर 11:05 बजे मसाला फैक्ट्री से कुछ दूरी पर हुई। जब मजदूर काम से ब्रेक लेकर खाना खाने जा रहे थे। घायलों की पहचान बिहार के सीतामढ़ी जिले के विशंभरपुर ननकार निवासी अशोक कुमार और उसके मामा के लड़के सुबोध मांझी के रूप में हुई है।
    सोशल मीडिया पर दो गैंगस्टरों लाड़ी भलवान व निर्वैर सिंह ने पोस्ट डालकर मजदूरों पर गोली चलाने की जिम्मेदारी ली है और गोली चलाने की वीडियो भी पोस्ट कर दी। इसमें लिखा है कि ये गोलियां उन्होंने चलाई है। इसमें उनका गुस्सा है। यह भी लिखा है कि इन लोगों ने आकर पंजाब को अपनी पैतृक संपत्ति समझ लिया है, वे उसके खिलाफ हैं। यह लोग बाहर से आकर पंजाब का माहौल खराब करते हैं और पंजाब के लोगों पर चौधरी बनते हैं, जैसे पिछले दिनों सबने देखा होगा। इन लोगों ने पंजाब के बच्चों के साथ कैसा व्यवहार किया, पर इन लोगों पर कोई सख्ती नहीं हुई पुलिस ने वारदात के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गोली चलाने वालों का सुराग ढूंढ रही है। जांच में हमलावरों का मकसद लूटपाट था या कोई पुरानी रंजिश, इस पर पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रही है।
    पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी स. गुरदीप सिंह चीमा ने उपरोक्त वारदात को लेकर कहा है कि पंजाब में इन दिनों धान की मिलिंग, प्रोसेसिंग का काम चल रहा है। राज्य में 5000 से अधिक राइस मिलर्स हैं, जहां बिहार और यूपी से आए करीब 2 लाख मजदूर हैं। अगर ऐसा ही माहौल रहा तो मजदूर काम नहीं करेंगे और राइस प्रोसेसिंग नहीं होगी। एफसीआई को 105 लाख मीट्रिक टन चावल नहीं पहुंचेगा। वहीं, धान व गेहूं के सीजन में अनाज मंडियों में 5 लाख मजदूर बिहार, यूपी जैसे राज्यों से आते हैं। अप्रैल में गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है और कई मजदूरों ने पंजाब में आने को लेकर टिकटें भी करवा ली हैं। इस घटना से उनमें डर बढ़ेगा। इसी तरह आलू के उत्पादन का काम भी चल रहा है। करीब 1 लाख मजदूर सब्जी मंडियों में रोजाना काम करते हैं।
    गुरदीप चीमा जो कह रहे हैं वह ऐसा सत्य है कि जिससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। मोगा में हुई वारदात पंजाब सरकार के लिए भी एक चेतावनी है। पंजाब सरकार पिछले समय से नशा तस्करों और गैंगस्टरों विरुद्ध जो अभियान चला रही है उस अभियान से पंजाब सरकार व पुलिस तथा प्रशासन का ध्यान हटाने के लिए हो सकता है कि पंजाब विरोधी ताकतों ने मोगा में प्रवासी मजदूरों को गोली मारी हो।
    अपने को पंजाब हितैषी दिखाने वाले यह गैंगस्टर भूल रहे हैं कि उन द्वारा किया कर्म पंजाब हित में नहीं है और गैर कानूनी भी है। पंजाब वासी 1980-90 के दशक को अभी भूले नहीं हैं। पंजाब 1980-90 के दशक के दिए जख्मों से अभी तक उभर नहीं पा रहा है। पंजाब में नशा तस्करों तथा गैंगस्टरों विरुद्ध चलाए गए अभियान के दौरान करोड़ों रुपए के नशीले उत्पाद तथा हजारों की तादाद में पकड़े गए नशा तस्करों से स्पष्ट है कि पंजाब में नशों की समस्या कितनी बड़ी है। इसी तरह गैंगस्टर पंजाब का माहौल खराब करने के लिए आए दिन हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं।
    पंजाब में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अधिकतर तो वे हैं जो विदेशों में बैठे आकाओं की कठपुतली मात्र हैं। पंजाब व भारत विरोधी कठपुतलियों के आकाओं के पीछे पाकिस्तान, कनाडा, इंग्लैंड, फ्रांस और अमेरिका व आस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देशों की गुप्तचर एजेंसियों का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष हाथ है। इस बात का ध्यान रखते हुए केन्द्र सरकार को भी अपने स्तर पर पंजाब में हो रही घटनाओं को लेकर सतर्क होने की आवश्यकता है। मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान तथा गैंगस्टरों विरुद्ध शुरू प्रहार 2 को असफल करने का भी यह एक प्रयास है, इसलिए पंजाब पुलिस को इस वारदात को बहुत गंभीरता से लेते हुए नकाबपोश हमलावरों को कानून के शिकंजे में जल्द से जल्द लाना चाहिए। पंजाब वासियों को भी समझना होगा कि ऐसी वारदातें पंजाब हित में नहीं बल्कि पंजाब का माहौल खराब करने के उद्देश्य से पंजाब विरोधियों द्वारा ही की जा रही है इसलिए इन वारदातों विरुद्ध खुलकर सामने आना होगा। इस मामले में चुप्पी पंजाब को पतन की ओर ही ले जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *