आपके गले में भी है बिना दर्द वाली गांठ? एक्सपर्ट से जानें किन कारणों से होता है ऐसा और कब हो जाना चाहिए सावधान?
लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }:कई लोगों को कभी-कभी गले में गांठ जैसा महसूस होता है, लेकिन इसके साथ दर्द नहीं होता। यह सुनने में गंभीर लगे, पर हर बार इसका मतलब किसी खतरनाक बीमारी से नहीं होता। कई बार यह एहसास अस्थायी होता है और कुछ सामान्य कारणों से जुड़ा रहता है। लेकिन कई बार अगर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या बहुत बड़ी बीमारी में भी बदल सकती है। ऐसे में MedFirst ENT Centre में कंसल्टेंट डॉ. राजेश भारद्वाज से जानते हैं कि गले में गांठ किन वजहों से हो सकती है और कब सावधान हो जाना चाहिए?
इन वजहों से गले में हो सकती है गांठ
एसिड रिफ्लक्स: गले में गांठ जैसा एहसास होने का एक आम कारण एसिड रिफ्लक्स है। जब पेट का एसिड बार-बार ऊपर गले की ओर आता है, तो इससे गले की अंदरूनी परत में जलन हो सकती है। इस स्थिति में आमतौर पर दर्द नहीं होता, लेकिन गले में कुछ फंसा हुआ या दबाव जैसा एहसास बना रह सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में “ग्लोबस सेंसेशन” कहा जाता है।
तनाव और चिंता: तनाव और चिंता भी इस समस्या की एक बड़ी वजह हो सकते हैं। मानसिक तनाव के दौरान गले की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे बिना किसी असली गांठ के भी गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है। ऐसे मामलों में निगलने में वास्तविक रुकावट नहीं होती और खाने-पीने से यह एहसास अक्सर नहीं बढ़ता।
बलगम भी है वजह: एलर्जी, सर्दी-जुकाम या पोस्ट-नेजल ड्रिप भी गले में गांठ जैसा एहसास पैदा कर सकते हैं। जब नाक से गाढ़ा बलगम लगातार गले में गिरता रहता है, तो गले में भारीपन या रुकावट जैसा अनुभव हो सकता है, हालांकि इसमें तेज दर्द नहीं होता। इसी तरह, वायरल बुखार के दौरान भी गर्दन या गले में सूजन आ सकती है, जो बुखार, कमजोरी और शरीर टूटने जैसे लक्षणों के साथ हो सकती है।
लार ग्रंथियों में सूजन: कुछ मामलों में लार ग्रंथियों की सूजन भी इसका कारण बन सकती है। खासकर सबमैंडिबुलर सलाइवरी ग्लैंड में सूजन होने पर गर्दन के ऊपरी हिस्से में गांठ या भरे-भरेपन का एहसास हो सकता है। इसके अलावा, थायरॉइड ग्रंथि का बढ़ना या गर्दन में मौजूद किसी छोटी गांठ के कारण भी शुरुआत में बिना दर्द के गले में दबाव महसूस हो सकता है।
कैंसर की गांठ दिखती है ऐसी: कभी-कभी गर्दन में दिखाई देने वाली गांठ गंभीर भी हो सकती है। कैंसर से जुड़ी सूजन अक्सर एक तरफ होती है, बिना दर्द के होती है, धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और छूने पर सख्त महसूस हो सकती है। यदिधूम्रपान और शराब पीने की आदत है, तो ऐसी गांठ के कैंसर होने की आशंका और बढ़ जाती है।
कब नहीं करना चाहिए नज़रअंदाज़?
अगर गले में गांठ जैसा एहसास लंबे समय तक बना रहे, गांठ बढ़ती जाए, निगलने में परेशानी हो, आवाज में बदलाव आए, वजन तेजी से घटे या सांस लेने में दिक्कत होने लगे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत सलाह लेकर सही जांच कराना जरूरी होता है, ताकि कारण समय पर पता चल सके और उचित इलाज शुरू किया जा सके।
