गजनी जैसे आतताइयों के विध्वंस पर उल्लास, सृजन और वैभव का नव-अंकुर प्रस्फुटित : योगी

0
scfvdsa

लखनऊ{ गहरी खोज }: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गजनी जैसे आतताइयों के धूलधूसरित विध्वंस पर आज उल्लास, सृजन और वैभव का नव-अंकुर प्रस्फुटित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को अपने आधिकारिक “एक्स” खाते पर एक पोस्ट में कहा “श्री सोमनाथ मंदिर भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जीवंत प्रतीक है…!”
पोस्ट में उन्होंने कहा, “पिछले एक हजार वर्षों का कालखण्ड इस बात का प्रमाण है कि विदेशी आक्रांताओं की घृणा, कट्टरता और विध्वंस की नीति के आगे हमारी आस्था, साहस और सृजनशीलता की अमर शक्ति हर क्षण अडिग रही।”
योगी आदित्यनाथ ने इसी पोस्ट में आगे कहा, “आज बाबा सोमनाथ का जो भव्य स्वरूप हम देख रहे हैं, वह सरदार वल्लभभाई पटेल की निष्ठा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की आस्था, के.एम. मुंशी जी की जिजीविषा एवं लाखों सनातन धर्मावलंबियों के बलिदान का ही प्रतिफल है।”
मुख्यमंत्री ने मोदी का जिक्र करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ आज ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में सनातन आस्था के सांस्कृतिक गौरव का उत्सव मना रहा है और गजनी जैसे आतताइयों के धूलधूसरित विध्वंस पर उल्लास, सृजन और वैभव का नव-अंकुर प्रस्फुटित हो रहा है।” योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह पर्व प्रतीक है कि सत्य को कभी पराजित नहीं किया जा सकता। गौरवशाली सनातन संस्कृति के अभिवर्धन हेतु आपका आभार प्रधानमंत्री जी।”
सोमनाथ (गुजरात) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व किया। यह गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक औपचारिक शोभा यात्रा है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में 108 अश्वों की झांकी निकाली गई जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है। मोदी ने वहां आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को संबोधित किया, जो 1026 ईसवी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *