रेलवे को ‘सुधारों का वर्ष’ बनाने का लक्ष्य, 52 हफ्तों में 52 बड़े सुधार लागू होंगे

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: भारतीय रेलवे ने वर्ष 2026 को ‘सुधारों का वर्ष’ बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में रेलवे हर सप्ताह एक बड़ा सुधार लागू करेगा। इस तरह 52 हफ्तों में 52 सुधारों को अमल में लाने की योजना बनाई गई है।
इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रेल भवन में रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें रेलवे में व्यापक और प्रणालीगत सुधार लाने पर सहमति बनी। बैठक में नए वर्ष की भावना, नए संकल्प और रेलवे में बड़े बदलावों पर विशेष जोर दिया गया। तय किया गया कि 52 सप्ताह–52 सुधार के तहत दक्षता, शासन व्यवस्था और सेवा वितरण में ठोस सुधार किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि परिणामस्वरूप ट्रेन दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2014-15 में जहां 135 गंभीर दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025-26 में इनकी संख्या घटकर 11 रह गई है। आने वाले समय में इसे एकल अंक तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे में सुरक्षा, रखरखाव और संचालन को और बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उन्नत तकनीकों के उपयोग को तेज किया जाएगा। रेलवे कर्मचारियों के प्रतिभा प्रबंधन और कौशल विकास के लिए नवोन्मेषी तरीकों को अपनाने पर भी विचार किया गया। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए भोजन की गुणवत्ता, कैटरिंग और ऑनबोर्ड सेवाओं में बड़े सुधारों का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्रियों, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास, रखरखाव और क्षमता वृद्धि से जुड़ी पहलों की समीक्षा की गई। रेल मंत्रालय ने सुधारों, सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और यात्री-केंद्रित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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