बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ी उपलब्धि, महाराष्ट्र के पालघर में पहाड़ी सुरंग-5 का हुआ परीक्षण
नयी दिल्ली{ गहरी खोज }: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक अहम उपलब्धि के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में शुक्रवार को पहाड़ी सुरंग (एमटी)-5 को सफलतापूर्वक खोल दिया गया है। करीब 1.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग विरार-बोईसर स्टेशनों के बीच स्थित है। इससे पहले सितंबर 2025 में ठाणे-बीकेसी के बीच पांच किमी लंबी देश की पहली अंडरग्राउंड हाई-स्पीड रेल टनल पूरी की गयी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को यहां स्थित रेल भवन से ही ऑनलाइन माध्यम से इस समारोह में जुड़े और रेलवे की इस उपलब्धि को देखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह 1.5 किलोमीटर लंबी पहाड़ी सुरंग पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में शामिल है और यह विरार तथा बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है।
उन्होंने बताया कि यह महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना की दूसरी सुरंग है जिसका कार्य पूरा हो चुका है। इससे पहले ठाणे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के बीच पांच किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का कार्य सितंबर 2025 में पूरा किया गया था। उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबी बुलेट ट्रेन परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरती है।
उन्होंने बताया कि जापान की तकनीक पर आधारित यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी और मुंबई से अहमदाबाद की सात से आठ घंटे की यात्रा को महज दो घंटे 17 मिनट में सीमित कर देगी। उन्होंने बताया कि इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 1.08 करोड़ रुपये है और इसका करीब 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री ने कहा कि आज बुलेट ट्रेन परियोजना में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। ‘माउंटेन टनल-पांच’ की खदाई पूरी होना काफी बड़ी उपलब्धि है। बुलेट ट्रेन परियोजना में कुल सात पहाड़ी सुरंग हैं और एक सुरंग समुद्र के नीचे है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में कुल 12 स्टेशन हैं। इनमें महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर और गुजरात में वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। मुंबई का टर्मिनल स्टेशन बीकेसी है। उन्होंने बताया कि इतनी दूरी के लिए आम तौर पर दो डिपो बनाए जाते हैं, लेकिन इस रेल परियोजना में तीन डिपो बने हैं।
