विदेश नीति में भटकाव के कारण बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बर्बरता चिन्ताजनक: प्रमोद तिवारी
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने शिक्षकों और बिजली कर्मियों के हक को लेकर सरकार के रवैये पर बोला तगड़ा हमला
लालगंज, प्रतापगढ़{ गहरी खोज }: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पड़ोसी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, हिन्दुओं, सिखों तथा ईसाईयों के मन्दिरों, पूजा घरों, गुरूद्वारों पर इधर बढ़ रहे हमलो को चिन्ताजनक करार दिया है। उन्होने कहा कि भारत सरकार की विदेश नीति में भटकाव के कारण आज भारत के पड़ोसी देशों से द्विपक्षीय सम्बन्ध भी बद से बदतर होता जा रहा है। शनिवार को रामपुरखास के दौरे पर पहुंचे सांसद प्रमोद तिवारी ने लालगंज स्थित कैम्प कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में बांग्लादेश में दीपू चन्द्र दास की हत्या के बाद एक और युवक अमृत मण्डल की निर्ममतापूर्वक हुई हत्या को अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण एवं कड़ी चिन्ता कहा है।
उन्होने कहा कि मोदी सरकार की खामोशी का नतीजा है कि बांग्लादेश में धार्मिक स्थल क्षतिग्रस्त किये जा रहे है और अल्पसंख्यक महिलाओं के साथ बदसलूकी और व्यभिचार भी बढ़ रहा है। उन्होने पीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अपने को विश्वगुरू बनाने के चक्कर में किसी एक के नहीं हो पाये। उन्होने कहा कि इसके कारण पीएम मोदी सारी दुनिया में अलग थलग पड़ गये हैं। सांसद प्रमोद तिवारी ने बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से अविलम्ब सख्त कूटनैतिक कदम उठाते हुए वहां हिन्दू तथा सिख, ईसाई पर हो रहे हमलों पर पहल करने पर जोर दिया है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने पत्रकार वार्ता के दौरान केन्द्र सरकार पर तल्ख होते हुए कहा कि अरावली की पर्वत श्रृंखला हमारे देश की आन बान और शान है। उन्होने कहा कि यह राजस्थान, एनसीआर और भारत की राजधानी दिल्ली के लिए जीवनदायिनी भी है। उन्होने कहा कि मोदी सरकार ने अपने मित्र उद्योगपति के दबाव में इस पर्वत श्रृंखला के एक बहुत बड़े हिस्से को असंरक्षित घोषित कर दिया है। उन्होने कहा कि खनन लॉबी के दबाव में गलत खनन नीति के जरिए इसे असंरक्षित घोषित करके खनन की इजाजत दी गयी। उन्होने कहा कि संसद से सड़क तक विरोध को देखते हुए सरकार ने इस निर्णय को स्थगित करने को मजबूर हुई। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने एसआईआर के दबाव में प्रदेश में शुक्रवार को एक और बीएलओ के द्वारा आत्महत्या की घटना को भी चिन्ताजनक कहा। उन्होने कहा कि अभी संभावित रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में दो करोड़ नब्बे लाख से तीन करोड़ तक नाम मतदाता सूची से हटाये गये हैं। उन्होने दावा किया कि हटाए गए नाम गरीब तबके व प्रवासी मजदूरों के हैं। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर केन्द्रीय निर्वाचन आयोग का मतदाताओं का नाम हटाना एक क्रूरतम चेहरा है। वहीं उन्होने प्रदेश में बिजली कर्मियों व शिक्षकों के हक छीने जाने पर भी सरकार की घेराबंदी की। उन्होने कहा कि जनता को सस्ती बिजली और पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी की जगह सरकार के द्वारा बिजली किसी बड़े उद्योगपति को बेंची जा रही है। उन्होने कहा कि इससे बिजली कर्मियांे की छंटनी होगी और यह कदम संविदा कर्मियों के लिए कैंसर की तरह है।
उन्होने कहा कि कांग्रेस की सरकार जिस दिन वापस आयेगी वह कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ शिक्षकों को उनका अधिकार वापस दिलायेगी। वहीं जिले के प्राथमिक शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमण्डल जिलाध्यक्ष रमाशंकर शुक्ल तथा लालगंज इकाई अध्यक्ष संतोष मिश्र की अगुवाई में सांसद प्रमोद तिवारी से मिला। प्रतिनिधिमण्डल में शामिल शिक्षकों ने टीईटी के मुददे को संसद में उठाए जाने के लिए सांसद प्रमोद तिवारी का माल्यार्पण कर आभार जताया। सांसद प्रमोद तिवारी ने स्थानीय बाजार में व्यापार मण्डल के संरक्षक डा0 रमाशंकर शुक्ल के आवास पर पहुंचकर हाल ही में उनके पौत्र के आकस्मिक निधन पर संवेदना प्रकट की। अठेहा क्षेत्र के अलावलपुर में उन्होने प्रधान राजपत सिंह की धर्मपत्नी के निधन पर भी परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की। सांसद प्रमोद तिवारी ने अठेहा, उदयपुर, मंगापुर, सांगीपुर में भी लोगों से मुलाकात कर विधायक मोना के द्वारा संचालित विकास योजनाओं को पूर्ण कराने में सहयोग मांगा। इस मौके पर प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, सांगीपुर प्रमुख अशोक सिंह बबलू, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, केडी मिश्र, डॉ0 अमिताभ शुक्ल, दृगपाल यादव, रामकृपाल पासी, शिवकुमार साहू, छोटेलाल सरोज, दयाशंकर तिवारी, विकास मिश्र, उदयशंकर दुबे, राजकुमार मिश्र, त्रिभु तिवारी, मुरलीधर तिवारी, दारा सिंह, शेरू खां, सुनील शुक्ल आदि रहे।
