अवैध सट्टेबाजी केस में कांग्रेस का पूर्व पार्षद मास्टरमाइंड, ईडी की चार्जशीट में खुलासा
इंदौर { गहरी खोज }: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के मामले में इंदौर शहर कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री को मुख्य सरगना बताया है। ईडी ने सोमवार को स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश की गई चार्जशीट में यह निष्कर्ष दर्ज किया।
ईडी के अनुसार, वर्ष 2021 में मुंबई में दर्ज अवैध सट्टेबाजी की एक एफआईआर के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी। इसी जांच के तहत इंदौर में गोलू अग्निहोत्री के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई का दायरा 2025 तक बढ़ते हुए मुंबई, अहमदाबाद और चेन्नई तक पहुंचा।
जांच में सट्टेबाजी नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े पाए गए, जिससे क्रॉस-बॉर्डर मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि हुई। ईडी ने चार्जशीट में उल्लेख किया है कि अवैध कमोडिटी एक्सचेंज, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों के माध्यम से करीब 404.46 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई।
ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री के साथ तरुण श्रीवास्तव और श्रीनिवास रामासामी को भी मुख्य आरोपी बनाया है। जांच में सामने आया कि तरुण श्रीवास्तव अवैध लेन-देन में शामिल था, जबकि श्रीनिवास रामासामी फर्जी ट्रेडिंग को अंजाम देने के लिए सर्वर में हेरफेर करता था। इसके अलावा धवल देवराज जैन, धर्मेश रजनीकांत त्रिवेदी और निधि चांदनानी को भी आरोपी बनाया गया है, जो फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का संचालन कर रहे थे और सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े थे।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के ठोस सबूत मिलने के बाद आरोपितों की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की। हालांकि कुल अवैध कमाई की तुलना में अब तक केवल लगभग 10 प्रतिशत मूल्य की संपत्ति ही अटैच की जा सकी है। ईडी ने 28.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति, 3.83 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और बैंक खातों में जमा 1.83 करोड़ रुपये सहित कुल 34.26 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। छापेमारी के दौरान ईडी ने अलग-अलग ठिकानों से 5.21 करोड़ रुपये नकद, 59.9 किलो चांदी की सिल्लियां, 100 ग्राम सोने के बिस्किट, कीमती घड़ियां और लगभग 41 लाख रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग भी जब्त की है। ईडी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
