न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पटना उच्च न्यायालय की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में ली शपथ

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पटना{ गहरी खोज }:न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने शुक्रवार को पटना उच्च न्यायालय की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। बिहार लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लिया।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री राम कृपाल यादव, न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की अनेक गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। शपथ ग्रहण के बाद उपस्थित लोगों ने न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के सेवानिवृत्त होने के बाद यह महत्वपूर्ण दायित्व संभाला है। न्यायमूर्ति साहू चार जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बाद न्यायमूर्ति राय ने पांच जून 2026 को पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वह पटना उच्च न्यायालय की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश बनी हैं।
न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गंगटोक स्थित ताशी नामग्याल अकादमी (तत्कालीन नामगचेन स्कूल) में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा के क्रम में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से वर्ष 1989 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।
वर्ष 1990 में वह दिल्ली बार एसोसिएशन में नामांकित हुईं और दिल्ली उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस शुरू की। इसी दौरान उन्होंने सिक्किम न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। उन्होंने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सहित न्यायपालिका के विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए लंबा अनुभव अर्जित किया।
न्यायिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के आधार पर उन्हें 15 अप्रैल 2015 को सिक्किम उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वह सिक्किम उच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला न्यायाधीश भी रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति से पूर्व उन्होंने वर्ष 2018, 2019 और 2020 में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (एक्टिंग चीफ जस्टिस) के रूप में दायित्व निभाया। इसके अलावा वर्ष 2025 और 2026 में भी उन्होंने सिक्किम उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने 22 मई 2026 को न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति अधिसूचित की गई। न्यायमूर्ति राय का कार्यकाल अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहेगा, क्योंकि वह आगामी 12 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने वाली हैं। इसके बावजूद न्यायिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उनसे पटना उच्च न्यायालय के न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।

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