प्रधानमंत्री के संयमपूर्ण उपभोग का आह्वान कांग्रेस को नहीं स्वीकार

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संयमपूर्ण उपभोग के आह्वान की आलोचना की है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री की ओर से जनता से ‘त्याग’ के आग्रह को सरकार की विफलता का दस्तावेज़ करार दिया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी की ओर से जनता से सोना न खरीदने, विदेश न जाने, पेट्रोल कम जलाने और खाद-खाद्य तेल के उपयोग में कटौती करने की अपील करना उनके शासन की नाकामी का सबूत है। उन्होंनेे कहा, 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि अब जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदें और क्या न खरीदें। हर बार अपनी ज़िम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच सकें।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर प्रधानमंत्री के ‘बचत के पाठ’ पर तंज कसते हुए कहा कि जब देश की जनता आर्थिक तंगी से जूझ रही है, तब उन्हें उपदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब फरवरी में पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात बने थे, तब कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था की बर्बादी, गिरते रुपये और महंगाई जैसे मुद्दों पर आगाह किया था लेकिन सरकार चुनावी रैलियों में व्यस्त थी। जब अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था, तब प्रधानमंत्री रोड शो क्यों कर रहे थे। अब चुनाव खत्म होते ही जनता पर पाबंदियां और उपदेश क्यों दिए जा रहे।
खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री अपनी 12 साल की विफलताओं का बोझ जनता के कंधों पर डालना बंद करें। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा पर उपदेश कुशल बहुतेरे यानी दूसरों को उपदेश देने में बहुत लोग कुशल होते हैं, लेकिन खुद उन पर अमल करना कठिन होता है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक संकट के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, विदेशी यात्राएं टालने, सोने की खरीद कम करने तथा स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की थी।

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