भारत-अल्जीरिया संयुक्त आयोग की पहली बैठक, रक्षा सहयोग के विस्तार पर सहमति

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: भारत और अल्जीरिया ने सैन्य प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, चिकित्सा और रक्षा उद्योगों जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करेंगे। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के विस्तार पर सहमति जताई। यह सहमति भारत व अल्जीरिया के संयुक्त आयोग की पहली बैठक में सामने आई।
यह बैठक 5 मई को नई दिल्ली में आयोजित हुई। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-अल्जीरिया रक्षा सहयोग के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए ‘रूल्स ऑफ प्रोसीजर’ पर हस्ताक्षर किए हैं।
आपसी सहमति से तैयार किया गया यह ढांचा भविष्य में संयुक्त आयोग की बैठकों और सहयोगी गतिविधियों के संचालन के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगा। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और अल्जीरिया की नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल क़ैद नूर उद्दीन ने की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीनों सेनाओं, मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ, रक्षा उत्पादन विभाग, डीआरडीओ, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल रहे। भारत और अल्जीरिया के बीच रक्षा संबंधों के लिए 2024 में रक्षा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद से उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय दौरों ने सहयोग को और मजबूत किया है।
अल्जीरियाई नौसेना प्रमुख का यह मौजूदा दौरा द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। बैठक से पहले मेजर जनरल क़ैद नूर उद्दीन ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। अपने भारत यात्रा के दौरान अल्जीरिया से आया विशेष प्रतिनिधिमंडल भारत के रक्षा उद्योगों के साथ संवाद भी करेगा। यह बैठक भारत और अल्जीरिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा भविष्य में नए आयाम जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि बीते साल भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अल्जीरिया की एक महत्वपूर्ण यात्रा की थी। सेना प्रमुख 25 से 28 अगस्त तक अल्जीरिया के आधिकारिक दौरे पर थे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेना प्रमुख की वह यात्रा भी भारत व अल्जीरिया के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम थी।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी के उस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अल्जीरिया के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना था। इसमें आर्मी टू आर्मी सहयोग को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना तथा रक्षा उद्योग सहयोग के नए अवसर तलाशना शामिल रहा। अल्जीरिया में अपने प्रवास के दौरान जनरल द्विवेदी ने अल्जीरिया के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की थी।

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