मैं बस टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देना चाहता हूं: नीतीश रेड्डी
हैदराबाद{ गहरी खोज }: भले ही सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी रविवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 45वें मुकाबले में बीमारी के कारण कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ मुकाबले में नहीं उतरे हैं, लेकिन उन्होंने हालात के हिसाब से ढलने और टीम को सबसे आगे रखने की सोच के महत्व पर जोर दिया है। रेड्डी ने कहा कि वह टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देने को तैयार हैं। 22 वर्षीय नीतीश की जगह एसआरएच की टीम में स्मरण रविचंद्रन को मौका दिया गया है, जो उनका आईपीएल में डेब्यू मैच है।
नीतीश रेड्डी आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए एक अहम खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। उन्होंने ऑलराउंडर के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें केकेआर के खिलाफ पिछले मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीतना भी शामिल है। रेड्डी इस सीजन 9 मुकाबलों की 8 पारियों में 193 रन बनाने के साथ 6 विकेट भी हासिल कर चुके हैं। टीम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नीतीश कुमार रेड्डी ने स्पाष्ट किया है कि टीम की सामूहिक सफलता के आगे व्यक्तिगत उपलब्धियां गौण हैं।
रेड्डी ने मैच से पहले ब्रॉडकास्टर्स से कहा, “मेरे लिए, यह इस बारे में है कि टीम को मुझसे क्या चाहिए। मैं बस अपना 100 प्रतिशत देना चाहता हूं। मेरे लिए कोई व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं हैं, जैसे कि इतने रन बनाना या इतने विकेट लेना। किसी भी स्थिति में, टीम को मेरी तरफ से जो भी जरूरत होती है, मैं वही करना चाहता हूं।”
रेड्डी ने स्वीकारा है कि सनराइजर्स हैदराबाद का आक्रामक क्रिकेट खेलने का तरीका हमेशा सफलता की गारंटी नहीं देता, लेकिन उन्होंने कहा है कि मुश्किल हालात में अनुभवी खिलाड़ियों को आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी चाहिए। नीतीश रेड्डी ने कहा, “हर एक मैच हमारे हिसाब से नहीं चलता। हम जिस तरह का क्रिकेट खेलते हैं, वह आक्रामक है। कभी-कभी यह तरीका विफल भी हो सकता है। ऐसी स्थितियों में, मुझे, हेनरिक क्लासेन, सलिल और अनिकेत को आगे आना होता है और एक अच्छा स्कोर खड़ा करना होता है।”
इस ऑलराउंडर ने टीम में मौजूद साकिब महमूद और प्रफुल हिंगे जैसे युवा गेंदबाजों की निडरता और नए तरीकों से विरोधियों को चौंकाने की काबिलियत को सराहते हुए कहा, “ये खिलाड़ी युवा हैं और अभी सीख रहे हैं। वे अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं। उनकी गेंदबाजी के तरीके विरोधियों के लिए भी नए हैं। इतने बड़े मंच पर दबाव में खेलते हुए उन्हें देखना वाकई काबिले-ए-तारीफ है।”
