ईडी के जालंधर कार्यालय में बड़ा फेरबदल, 13 अधिकारियों के तबादले से कामकाज प्रभावित

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जालंधर{ गहरी खोज }: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय में हाल ही में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। एक ओर जहां पंजाब में सांसद अशोक कुमार मित्तल से जुड़े ठिकानों पर ईडी की टीम ने कुछ समय पहले दबिश दी थी, वहीं अब इसी कार्यालय में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस बदलाव ने कार्यालय के कामकाज को प्रभावित किया है।
जानकारी के अनुसार, आमतौर पर वार्षिक तबादलों में एक स्टेशन से दो या तीन अधिकारियों का ही स्थानांतरण किया जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग रही। जालंधर कार्यालय से अलग-अलग रैंक के कुल 13 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इनमें कुछ ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने सिर्फ एक साल पहले ही यहां कार्यभार संभाला था। इस तरह के अचानक और बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को असामान्य माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि अभी लगभग उतने ही नए अधिकारियों को जालंधर में कार्यभार संभालना बाकी है। ऐसे में फिलहाल कार्यालय में कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही है, जिससे जांच और अन्य प्रशासनिक कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले जालंधर ईडी कार्यालय के सबसे वरिष्ठ अधिकारी, संयुक्त निदेशक रवि तिवारी का तबादला चेन्नई कर दिया गया था। यह वही समय था जब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रजिंदर सिंह को समन जारी किए गए थे। उनके जाने के बाद दिनेश पुरुचुरी ने जालंधर का अतिरिक्त प्रभार संभाला, लेकिन वे मुख्य रूप से दिल्ली से ही कार्य देख रहे हैं। इसी क्रम में मार्च के अंत तक भी कई अधिकारियों का तबादला किया गया था।
जानकारी के अनुसार, कई सहायक निदेशकों को बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और जम्मू सहित विभिन्न शहरों में स्थानांतरित किया गया जबकि नए अधिकारियों को चंडीगढ़, जम्मू, हैदराबाद और बेंगलुरु से जालंधर में तैनात किया गया है। 5 प्रवर्तन अधिकारियों का भी तबादला अलग-अलग स्थानों पर किया गया। कुछ प्रतिस्थापन किए गए हैं, साथ ही एक नए कर्मचारी ने कार्यालय में कार्यभार संभाला है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुनर्गठित टीम को स्थिर होने और पूरी गति से जांच फिर से शुरू करने में 20 से 30 दिन लग सकते हैं। उन्होंने तबादलों के पैमाने को असामान्य बताया और कहा कि इस तरह के बड़े पैमाने पर फेरबदल आम बात नहीं है।

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