सीडीएस पहुंचे लंदन, भारत-ब्रिटेन ने भविष्य के लिए तैयार रक्षा साझेदारी पर जोर दिया
- जनरल चौहान को रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज का भी टूर कराया जाएगा
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान सोमवार को ब्रिटेन के आधिकारिक दौरे पर पहुंच गए। लंदन में ब्रिटेन के सीडीएस एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन ने उनका स्वागत किया। दोनों सैन्य अधिकारियों ने भारत-यूके की मजबूत और भविष्य के लिए तैयार रक्षा साझेदारी पर जोर दिया। सीडीएस जनरल चौहान ने ब्रिटेन में भारत के हाई कमिश्नर विक्रम के. दोराईस्वामी से भी बातचीत की।
भारत के एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के मुताबिक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के इस दौरे से रक्षा सहयोग मजबूत होगा। साथ ही रक्षा उद्योग और खुफिया सहयोग, साइबर सहयोग, रणनीतिक संचार और संयुक्त अभ्यास को बढ़ावा मिलेगा। सीडीएस के इस दौरे से वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत मिलने की उम्मीद है। उनका यह दौरा दो वैश्विक ताकतों की सेनाओं के बीच भरोसे और उम्मीद का भी संकेत है। अपनी बातचीत के दौरान दोनों देशों के सैन्य अधिकारी ट्रेनिंग, ऑपरेशन्स और डिफेंस इंडस्ट्री पार्टनरशिप में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
नई दिल्ली में ब्रिटिश हाई कमीशन ने एक बयान में कहा कि यूके के वरिष्ठ सिविल और सैन्य अधिकारी जनरल चौहान के दौरे के दौरान उनसे बातचीत करेंगे। ब्रिटिश रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि दोनों देशों के बीच ज्यादा रक्षा सह-उत्पादन पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उनसे मिलेंगे। जनरल चौहान को रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज का भी टूर कराया जाएगा, जहां वे छात्रों के एक बहुराष्ट्रीय समूह से मिलेंगे। यह किसी भारतीय सीडीएस का यूके का पहला आधिकारिक दौरा है और इस साल यूके-भारत की पांचवीं वरिष्ठ सैन्य बैठक है। इससे पहले मार्च में यूके के चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल हार्व स्मिथ भारत आए थे।
भारत में ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने कहा कि जनरल चौहान का यह ऐतिहासिक दौरा यूके-भारत रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने वाले भरोसे और महत्वाकांक्षा को दिखाता है। हम इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और एक फ्री, ओपन और सिक्योर इंडो-पैसिफिक को सपोर्ट करने के लिए सहयोग बढ़ा रहे हैं। संयुक्त अभ्यास और रक्षा उद्योग सहयोग से लेकर सामरिक बातचीत तक हम तेजी से और करीब आ रहे हैं, क्योंकि भारत यूके के लिए एक अहम रक्षा साझेदार है। हम आने वाले महीनों में इसे और बढ़ाते रहेंगे।
ब्रिटिश हाई कमीशन के रक्षा सलाहकार कमोडोर क्रिस सॉन्डर्स ने कहा कि रक्षा के सभी क्षेत्र में हमने मिलकर बड़ी तरक्की की है, जनरल चौहान का यह दौरा दिखाता है कि आगे चलकर हम कितनी साझा उम्मीद कर सकते हैं। इस दौरे से हमारी मजबूत सैन्य ताकत को और मजबूत करने, सहकारी प्रशिक्षण की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ाने और यह पता लगाने का मौका मिलेगा कि हम रक्षा उद्योग में कैसे ज्यादा सहयोग बढ़ा सकते हैं। यूके और भारत दोनों रक्षा को ‘ग्रोथ के इंजन’ के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं और भारत के आत्मनिर्भरता के रास्ते में मदद करना चाहते हैं। यूके-भारत डिफेंस सहयोग के लिए यह रोमांचक समय है।
