मुख्यमंत्री ने मेट्रो फेज-4 के कार्यों का किया औचक निरीक्षण, समय पर काम पूरा करने का दिया निर्देश

0
673826144_1516091666592940_3002923602656689808_n

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को मेट्रो फेज-4 के अंतर्गत आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समय-सीमा के पालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन को एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां वर्तमान में संचालित ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के बीच कनेक्टिविटी स्थापित होगी। यह स्टेशन जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक विस्तारित 28.92 किलोमीटर लंबे लाइन-8 कॉरिडोर का एक प्रमुख केंद्र होगा।
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि फेज-4 कॉरिडोर के अंतर्गत जनकपुरी वेस्ट से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक के हिस्से पहले ही यात्रियों के लिए खोले जा चुके हैं, जबकि शेष हिस्सों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर पश्चिम, उत्तर और मध्य दिल्ली के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण में भी महत्वपूर्ण कमी होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा बेहद जटिल कॉन्ट्रैक्ट पैकेज के अंतर्गत आता है, जिसमें लगभग 7 किलोमीटर लंबे ट्विन टनल और छह प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशनों जैसे डेरावल नगर, घंटाघर, पुलबंगश, सदर बाजार, नबी करीम और आरके आश्रम मार्ग का डिजाइन और निर्माण शामिल है। उन्होंने इस परियोजना में किए जा रहे इंजीनियरिंग कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सदर बाजार जैसे जटिल क्षेत्रों में भूमिगत स्टेशन का निर्माण, सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के पास सक्रिय रेलवे लाइन, रानी झांसी फ्लाईओवर और रेड लाइन मेट्रो कॉरिडोर के नीचे सफलतापूर्वक टनल बोरिंग जैसे कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों जैसे कठोर चट्टानी परतें और जलभराव वाली मिट्टी के बीच अत्याधुनिक तकनीकों और कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसमें सतह पर ट्रैफिक या मौजूदा परिवहन सेवाओं को किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि आरके आश्रम मार्ग स्टेशन न केवल एक प्रमुख इंटरचेंज हब के रूप में कार्य करेगा, बल्कि भविष्य में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार भी बनेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय दिल्ली में भीड़भाड़ को कम करने और सेंट्रल विस्टा सहित प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मैजेंटा लाइन को आरके आश्रम मार्ग से इंद्रलोक तक विस्तारित किया जाएगा, जो इंद्रप्रस्थ स्टेशन के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विस्तार में 9.91 किलोमीटर का आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ खंड और 11.9 किलोमीटर का इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक खंड शामिल होगा। सभी चरणों के पूरा होने के बाद, बोटैनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 88.4 किलोमीटर हो जाएगी, जिसमें 65 स्टेशन शामिल होंगे। यह ड्राइवरलेस मैजेंटा लाइन को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का सबसे लंबा कॉरिडोर बना देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो राजधानी की जीवनरेखा है, जिस पर प्रतिदिन लाखों यात्री निर्भर रहते हैं। ऐसे में प्रत्येक कार्य में उच्च गुणवत्ता, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की गति और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए निर्माण की गति तेज की जाए ताकि परियोजना समय पर पूर्ण हो सके और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *