कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल महिला अधिकारों के खिलाफः भाजपा

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संविधान संशोधन विधेयक के संसद में पारित नहीं हो पाने के लिए शनिवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आलोचना की। परिसीमन को सीटों के पुनर्निर्धारण का अभिन्न अंग बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान 543 सीटों पर ही महिला आरक्षण देने से दक्षिण के राज्यों की सीटें घट जाएंंगी। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने जहां महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं को कुचलने का ‘जश्न’ मनाया, जबकि भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस और उसकी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को “इस्तेमाल” की वस्तु बताने वाली भाषा अस्वीकार्य है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं, बल्कि उन्हें सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।
प्रसाद ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर भी कांग्रेस के दावों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 81(2) के अनुसार लोकसभा सीटों का आवंटन जनसंख्या के आधार पर होता है और बिना परिसीमन के सीटों का पुनर्निर्धारण संभव नहीं है। गृहमंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 850 की जा सकती है, जिससे 33 प्रतिशत आरक्षण प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया आवश्यक है। कांग्रेस 543 सीटों के भीतर ही आरक्षण लागू करने की बात कर रही है। इससे दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। प्रसाद ने आरोप लगाया कि द्रमुक महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को बाधित कर रही है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राज्य इस भ्रामक प्रचार से प्रभावित हो रहे हैं।
इससे पहले भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल सत्ता का नहीं, बल्कि समानता के अधिकार का संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संसद में महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं को कुचलने का ‘जश्न’ मनाया, जबकि भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरानी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग को गंभीरता से लेने के बजाय उसका उपहास करते नजर आए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में 11 करोड़ महिलाएं शौचालय सुविधा से वंचित रहीं और 25 करोड़ महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में भी विफलता रही।
ईरानी ने कहा कि भाजपा-नीत राजग सरकार ने पहली बार जेंडर बजट फ्रेमवर्क लागू कर महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने कांग्रेस पर महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन मुद्दे पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार कांग्रेस का यह रवैया संवैधानिक व्यवस्था और महिलाओं दोनों के प्रति अविश्वास को दर्शाता है।

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