‘पृथ्वी से लेकर अंतरिक्ष तक महिलाओं का वर्चस्व’, सदन में सरकार की नीतियों : हेमा मालिनी

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष अपनी राय रख रहे हैं और अब हिंदी सिनेमा की बड़ी अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने सदन में मौजूदा सरकार की उन नीतियों का जिक्र किया, जिन्होंने महिलाओं को नई उड़ान दी। अभिनेत्री ने हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों के बाद आए बदलाव पर भी खुलकर बात की। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा, “आज का दिन देश के लिए और देश की महिलाओं के लिए बहुत जरूरी और भावनात्मक है। यह सिर्फ बिल नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की शक्ति, संघर्ष और सम्मान का प्रतीक है। हमेशा से महिलाएं अपने परिवार और समाज को सशक्त करती रहती हैं, बिना किसी पहचान के। यह बिल महिलाओं को पहचान दिलाने के साथ आवाज उठाने की ताकत देगा। महिलाएं जब आगे बढ़ती हैं तो अकेले नहीं, पूरे समाज के साथ आगे बढ़ती हैं, और यह बिल आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को भी विश्वास दिलाएगा कि वे भारत के विकास में अपनी भागीदारी निभा सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा, “साल 2014 में जब पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब से लेकर आज तक केंद्र सरकार महिला सुरक्षा और महिलाओं के हक़ में बनने वाली नीतियों का हिस्सा रही है। मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए कई कानून बनाए हैं, जिससे उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, समानता और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
अपने भाषण में हेमा मालिनी ने उन योजनाओं का जिक्र किया, जो भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भाजपा सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, जन-धन योजना, मिशन शक्ति, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी योजना लागू की।
अभिनेत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने सिर्फ योजना को लॉन्च नहीं किया, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू भी किया है और यही कारण है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। पृथ्वी से लेकर अंतरिक्ष तक ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां महिलाएं नहीं पहुंची है। आज की महिला रॉकेट, फाइटर प्लेन और मेट्रो चला रही हैं। वहीं हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने नेतृत्व में देश को आगे ले जाने का काम कर रही हैं। यह सब भाजपा की सोच से ही पूरा हो पाया है।” हेमा मालिनी ने हिंदी सिनेमा में अपनी उन फिल्मों के किरदारों पर भी बात की, जो महिला-उन्मुख थे। उन्होंने ‘बसंती’ और ‘सीता और गीता’ का उदाहरण दिया और कहा कि सिनेमा में भी महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
हेमा ने आगे कहा, “एक जमाना था कि जब हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों के लिए काम करना मुश्किल था। पुरुष ही महिला बनकर महिलाओं के हिस्से का रोल करते थे, लेकिन फिर समय बदला जब मीना कुमारी, नरगिस, और मधुबाला जैसी अभिनेत्रियों ने फिल्म जगत में कदम रखा। संगीत उद्योग में ऐसी महिलाएं रही हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर ऐसा मुकाम पाया, जिसकी वजह से पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। आशा भोसले और लता मंगेशकर ने अपनी मेहनत से आयाम हासिल किए। मैंने अपने करियर में बसंती से लेकर पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार किए, जिससे महिलाओं को बहुत प्रेरणा मिली।” आखिर में हेमा मालिनी ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

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