नाेएडा में मजदूराें का हिंसक प्रदर्शन, एक सुनियाेजित साजिश: पुलिस आयुक्त
नोएडा{ गहरी खोज }: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के नाेएडा में सोमवार को श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन एक सोची समझी साजिश थी और पुलिस इसके पीछे हुए घटनाक्रमों की गहराई से जांच करके पूरे षड़यंत्र को बेनकाब करेगी। गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को यहां बताया कि मजदूरों के प्रदर्शन को मैनेज करने के लिए न केवल कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए बल्कि क्यूआर कोड स्कैनर से मजदूरों को इसमें जोड़ा गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोमवार को विभिन्न स्थानों से सामने आई हिंसक प्रदर्शन की घटनाओं के सिलसिले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज कर 396 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस आयुक्त ने कहा, “पिछले दो दिन में कई वॉट्सऐप समूह बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करके श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इन गतिविधियों के पीछे एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय है।उन्होंने कहा कि अशांति फैलाने में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होगी। उन्होंने कहा कि भीड़ में शामिल ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। भविष्य में भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।
पुलिस आयुक्त ने इस प्रदर्शन के पीछे विदेशी हाथ होने की संभावना से इन्कार नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के पीछे फंडिंग की भी जांच की जाएगी। यदि यह पाया जाता है कि उन्हें राज्य या देश के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो इस संबंध में भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के कुछ व्हाट्सएप चैट मिले है, जिनमें लोगों को घरों से लाल मिर्च पाउडर लाने और पुलिस पर हमले के लिए उकसाया जा रहा है। इसमें लिखा गया की है, भाई लाठी से कुछ नहीं होगा, मिर्च पाउडर लेकर चलो। बस बात खत्म। सब भाई बहनों से अपील है कि मिर्च पाउडर लेकर चले। ज्यादा से ज्यादा संख्या में। इसमें एक अन्य ने लिखा जब तक हमारी सुनवाई नहीं होती तब तक हड़ताल चलेगी ।
