पैसेंजर ट्रेनों से वंदे भारत तक अपने कार्यकाल में देखा, अच्छे अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन : अशोक कुमार
वाराणसी{ गहरी खोज }: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी में जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार जून माह 2026 के आखिरी तिथि पर सेवानिवृत हो रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी रहते हुए अशोक कुमार के कार्यकाल को बहुत ही शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाएगा। अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि वाराणसी में पूर्वोत्तर रेलवे में जीवन के तमाम अच्छे अनुभव के साथ उन्होंने अपनी सेवा दी है। अपने ड्यूटी के कार्यकाल में उन्होंने बहुत ही अच्छे अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य किया है। आज पूर्वोत्तर रेलवे अपने सर्वोत्तम समय में चल रहा है। पैसेंजर ट्रेनों से लेकर आज वंदे भारत तक उन्होंने अपने कार्यकाल में देखा है।
जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि जब पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस चली थी तो वाराणसी के पत्रकारों की एक टोली लेकर वह उनके साथ दिल्ली तक गए थे। उनके जीवन की यह एक सुनहरी याद है, जिसे वह भूल नहीं पाते हैं। दूसरी बार खजुराहो के लिए चलाए गए वंदे भारत एक्सप्रेस के भी शुभारंभ के समय की उनकी यादें अनमोल हैं।
अशोक कुमार ने विकास के बाद हुए बदलाव को याद करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के इतिहास में अब ट्रेनों की संख्या बढ़ी है तो उसी के साथ रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफार्म की संख्या भी बढ़ी है। रेलवे स्टेशनों की संख्या बढ़ी है। पूर्वोत्तर रेलवे के और से यात्रियों के बैठने के लिए उत्तम व्यवस्था, हाई लाइटे लगी है, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, स्टॉल दुकानों की संख्या बढ़ी है, पटरियों पर काम हुआ है, प्लेटफार्म पर छत, चार्जिंग प्वाइंट, अंडर पास जैसी यात्री सुविधाओं को होते हुए उन्होंने अपने ड्यूटी कार्यकाल में देखा है। साथ ही जनसंपर्क अधिकारी के रूप में पत्रकारों का उन्हें विशेष सहयोग मिलता रहा है।
