कब्ज की समस्या होने पर कैसी होनी आपकी डाइट? एक्सपर्ट से जानें क्या खाना चाहिए और किसे करना चाहिए नज़रअंदाज़?

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लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }: कब्ज आज की तेज़ जीवनशैली से जुड़ी एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। अनियमित खानपान, फाइबर की कमी, कम पानी पीना, शारीरिक गतिविधि का अभाव और तनाव इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। पीएसआरआई अस्पताल में हेड ऑफ़ डाइटीशियन, डॉ. शालिनी ब्लिस कहती हैं कि अगर समय रहते डाइट और दिनचर्या में बदलाव न किया जाए तो यह समस्या गैस, पेट दर्द, बवासीर और अपच जैसी दिक्कतों को जन्म दे सकती है। सही आहार अपनाकर कब्ज से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

कैसे होनी चाहिए डाइट?
सबसे पहले अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाना बेहद ज़रूरी है। फाइबर मल को नरम बनाता है और आंतों की गति को बेहतर करता है। इसके लिए साबुत अनाज जैसे ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन आटा शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, लौकी, तोरी, बीन्स और चुकंदर भी फायदेमंद हैं। फल जैसे पपीता, अमरूद, सेब, नाशपाती और कीवी नियमित रूप से खाने से पाचन बेहतर होता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है ज़रूरी
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी उतना ही आवश्यक है। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना आंतों को सक्रिय करने में मदद करता है। कुछ लोगों के लिए सुबह नींबू पानी या भीगे हुए किशमिश का सेवन भी लाभकारी हो सकता है।

प्रोबायोटिक युक्त फूड्स का करें सेवन
प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दही, छाछ और घर का बना हुआ किण्वित भोजन आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही रात में सोने से पहले एक चम्मच इसबगोल भूसी गुनगुने पानी या दूध के साथ लेने से भी मल त्याग में आसानी होती है, लेकिन इसे नियमित आदत बनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

इन चीजों से बनाएं दूरी
कब्ज की समस्या होने पर कुछ चीज़ों से दूरी बनाना भी ज़रूरी है। अत्यधिक तला-भुना, फास्ट फूड, मैदा से बनी चीज़ें, अधिक चाय-कॉफी और प्रोसेस्ड स्नैक्स कब्ज को बढ़ा सकते हैं। बहुत ज्यादा रेड मीट और शक्करयुक्त खाद्य पदार्थ भी पाचन को धीमा कर देते हैं। साथ ही बार-बार जंक फूड और अनियमित समय पर भोजन करने की आदत भी समस्या को बढ़ाती है।

सिर्फ डाइट ही नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी अहम है। रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज आंतों की गति को सुधारती है। पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी जरूरी है। मल त्याग की इच्छा को कभी न रोकें, क्योंकि इससे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।

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