गुजरात में विवाह पंजीकरण नियमों में बड़ा बदलाव, अब माता-पिता को भी दी जाएगी सूचना
गांधीनगर{ गहरी खोज }: गुजरात सरकार ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को विधान सभा में नियम 44 के तहत महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए बताया कि अब विवाह पंजीकरण के दौरान माता-पिता को अनिवार्य रूप से सूचना दी जाएगी।
प्रदेश सरकार किए जा रहे इस बदलाव का उद्देश्य विवाह में धोखाधड़ी और जबरदस्ती जैसे मामलों पर रोक लगाना है। इसके लिए गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट 2006 के नियमों में संशोधन किया जा रहा है। साथ ही एक अलग ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से माता-पिता को जानकारी दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री संघवी ने आज सदन में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ खामियों के कारण दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। खासकर पंचमहल जिले के कुछ गांवों में फर्जी विवाह पंजीकरण के मामले सामने आए, जहां बिना मुस्लिम आबादी के भी बड़ी संख्या में ‘निकाह’ प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। इन मामलों की जांच कर कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लव मैरिज के खिलाफ नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और जबरदस्ती के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में यह निर्णय बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार ने प्रस्तावित नियमों पर नागरिकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं। इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो सभी सुझावों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
