सीबीआई ने पीएनबी से करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में घोषित भगोड़े को मेरठ से दबोचा
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी दिल्ली की जोरबाग शाखा से पंजाब नेशनल बैंक से 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा घोषित आरोपित जितेंद्र कुमार को गुरुवार को मेरठ से दबोच लिया। वह साल 2013 से फरार था और 21 जून 2014 को अदालत ने उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
सीबीआई ने बताया कि एजेंसी ने साल 2013 में दिल्ली की जोरबाग शाखा की पंजाब नेशनल बैंक से चार करोड़ रुपये की नकद ऋण सुविधा फर्जी संपत्ति दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त करने के लिए संजीव दीक्षित (प्रोपराइटर, एम/एस शंकर मेटल्स), संजय शर्मा (प्रोपराइटर, एम/एस सुपर मशीन), इंद्रा रानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एजेंसी ने बताया कि जांच में सामने आया कि ऋण दस्तावेजों में संजय शर्मा को गारंटर दिखाया गया था, लेकिन दस्तावेजों पर संजय शर्मा की जगह जितेंद्र कुमार का फोटो चिपकाया गया था। इसके अलावा गाजियाबाद स्थित एक भूखंड की फर्जी बिक्री विलेख भी बैंक को दी गई, जिसमें संजय शर्मा को मालिक दिखाया गया, लेकिन फोटो जितेंद्र कुमार का था। साथ ही जितेंद्र कुमार के नाम से एम/एस राजधानी ट्रेडर्स का खाता कनारा बैंक, कड़कड़डूमा में संचालित था, जिसके जरिए ऋण राशि को मोड़ा गया। जांच में यह भी सामने आया कि जितेंद्र कुमार, संजीव दीक्षित का कर्मचारी था। इसके बाद 12 दिसंबर 2013 को नई दिल्ली की अदालत ने संजय शर्मा उर्फ जितेंद्र कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 21 जून 2014 को अदालत ने उसे फरार घोषित अपराधी घोषित कर दिया। सीबीआई ने मानवीय खुफिया जानकारी और सरकारी डाटाबेस के विश्लेषण के आधार पर जितेंद्र कुमार का ठिकाना मेरठ में चिन्हित किया। तकनीकी विश्लेषण से समर्थित एक विशेष अभियान चलाकर सीबीआई ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपित को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।
