जमशेदपुर में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या का खुलासा, दो शूटर गिरफ्तार

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जमशेदपुर{ गहरी खोज }: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गालुडीह थाना क्षेत्र की खड़िया कॉलोनी में राजनीतिक कार्यकर्ता एवं कॉमन सर्विस सेंटर (प्रज्ञा केंद्र) संचालक तारापद महतो की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास दुबे और अभिषेक कुमार उर्फ गोलू के रूप में हुई है।
पुलिस ने उनके पास से एक देसी कट्टा, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और खून लगा चाकू बरामद किया है। पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि यह हत्या जमीन विवाद के कारण की गई थी। उन्होंने कहा कि हत्या की साजिश घाटशिला जेल में बंद आर्म्स एक्ट के आरोपी जितेंद्र दुबे ने रची थी। जितेंद्र ने अपने भाई छोटू गोराई के माध्यम से शूटरों की व्यवस्था कराई। इसके बाद छोटू गोराई ने जगरनाथ गोराई को डेढ़ लाख रुपए में हत्या के लिए तैयार किया। उन्होंने बताया कि जगरनाथ गोराई ने आगे विकास दुबे और अभिषेक कुमार को 10-10 हजार रुपए का लालच देकर वारदात में शामिल किया।
घटना वाले दिन सभी आरोपी बाइक से खड़िया कॉलोनी पहुंचे। जैसे ही तारापद महतो रात के समय अपना प्रज्ञा केंद्र बंद कर रहे थे, अभिषेक कुमार और जगरनाथ गोराई केंद्र के भीतर घुसे। पहले अभिषेक ने चाकू से हमला कर महतो को गंभीर रूप से घायल किया, इसके बाद जगरनाथ ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। बता दें कि यह वारदात 13 जनवरी की रात खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड के समीप स्थित प्रज्ञा केंद्र में हुई थी।
तारापद महतो पुतरू गांव के निवासी थे और पिछले करीब दो वर्षों से उक्त केंद्र का संचालन कर रहे थे। वह उलदा पंचायत की उपमुखिया आशारानी महतो के पति थे। घटना के समय केंद्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय लोग मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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